काठमांडू, 5 नवंबर (आईएएनएस)। नेपाली मंत्रिमंडल ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रपति का तीन दिवसीय नेपाल दौरा आपसी विश्वास और भरोसा कायम करने में सफल रहा।
दैनिक समाचार पत्र ‘काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, सरकारी प्रवक्ता और सूचना एवं संचार मंत्री राम कार्की ने कहा कि शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय राष्ट्रपति के दौरे को आपसी भरोसा बढ़ाने वाला बताया गया। मंत्रिमंडल ने माना कि दौरे से द्विपक्षीय संबंध सुधारने में मदद मिली है।
नेपाल सरकार ने राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के भारत दौरे की तैयारी में तेजी लाने का भी निर्णय लिया है, जो पहले गत मई महीने में रद्द हो गया था।
विशेषज्ञों और राजनयिकों ने कहा कि भारतीय राष्ट्रध्यक्ष का दौरा एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन एक दौरे से आमूलचूल परिवर्तन नहीं होता है, विशेष तौर पर जब यह द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीतिक प्रक्रियाओं के लिए होता है।
मंत्रिमंडल का निष्कर्ष भारतीय राष्ट्रपति के नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद आया। मुखर्जी बुधवार को काठमांडू आए और शुक्रवार शाम स्वदेश वापस लौट गए।
दैनिक समाचार पत्र काडमांडू पोस्ट के अनुसार, संविधान की घोषणा और अघोषित सीमा की नाकेबंदी के बाद गत साल भारत और नेपाल के बीच संबंध सबसे निम्न स्तर पर पहुंच गया था।
पूर्व विदेश सचिव मधु रमन आचार्य ने कहा कि दौरे से संकेत मिलता है कि भारत नेपाल के साथ संबंध सामान्य बनाना चाहता है, लेकिन एक दौरे से सारी समस्याएं हल हो जाएगी, कहना गलत होगा।
विदेश संबंधों के विशेषज्ञों ने कहा कि उच्चस्तरीय आदान-प्रदान बहाल होना एक अच्छा संकेत है, लेकिन कूटनीति एक निरंतर प्रक्रिया है।
विदेश मंत्री प्रकाश शरण महात ने कहा, “मंत्रिमंडल ने गौर किया कि भारतीय राष्ट्रपति का दौरा हर तरह से सफल रहा और हम सोच कर खुश हैं कि इससे विश्वास और भरोसा का स्तर बढ़ा है।”
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