विश्लेषकों ने चेताया कि सेना के हस्तक्षेप के परिणाम क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित हो सकते हैं।
तुर्की की सत्तारूढ़ ‘जस्टिस एंड डेवलेपमेंट’ पार्टी के पहले विदेश मंत्री यासर याकिस ने कहा, “इस प्रकार के सैन्य अभियान विनाशकारी परिणाम दे सकते हैं और इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।”
तुर्की के इस कदम की प्रतिक्रिया में इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने कहा कि सेना के हस्तक्षेप से तुर्की का विघटन होगा और इराक जरूरत पड़ने पर लड़ने के लिए तैयार है।
तुर्की इस बात को लेकर काफी चिंतित है कि मोसुल को इस्लामिक स्टेट (आईएस) की कैद से आजाद कराने के लिए इराकी शिया समूहों और तल अफार का शामिल होना सुन्नी समूहों और तुर्की के नागरिकों के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दे सकते हैं।
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