नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर तक की अवधि के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह 10.6 प्रतिशत वृद्धि के साथ 3.77 लाख करोड़ रुपये, जबकि अप्रत्यक्ष कर संग्रह 26.7 प्रतिशत वृद्धि के साथ 4.85 लाख करोड़ रुपये हुआ।
नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर तक की अवधि के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह 10.6 प्रतिशत वृद्धि के साथ 3.77 लाख करोड़ रुपये, जबकि अप्रत्यक्ष कर संग्रह 26.7 प्रतिशत वृद्धि के साथ 4.85 लाख करोड़ रुपये हुआ।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, “अक्टूबर तक प्रत्यक्ष कर संग्रह के आंकड़े से पता चलता है कि शुद्ध संग्रह 3.77 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के शुद्ध संग्रह से 10.6 प्रतिशत अधिक है।”
बयान में कहा गया है कि अक्टूबर 2016 तक का संग्रह संकेत करता है कि प्रत्यक्ष कर के वार्षिक बजट लक्ष्य का 44.5 प्रतिशत हासिल किया जा चुका है।
अप्रत्यक्ष कर संग्रह पर बयान में कहा गया है, “अक्टूबर 2016 तक अप्रत्यक्ष कर संग्रह (केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर और सीमा शुल्क) से पता चलता है कि शुद्ध राजस्व संग्रह 4.85 लाख करोड़ है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के शुद्ध संग्रह से 26.7 प्रतिशत अधिक है।”
बयान में कहा गया है, “केंद्रीय उत्पाद शुल्क के मामले में अप्रैल-अक्टूबर 2016 के दौरान शुद्ध कर संग्रह 2.14 लाख करोड़ रुपये रहा। जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 1.47 लाख करोड़ रुपये था। यानी इसमें 45.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।”
बयान में कहा गया है कि अप्रैल-अक्टूबर 2016 के दौरान सेवा कर के रूप में शुद्ध कर संग्रह 1.43 लाख करोड़ रुपये था, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान यह 1.12 लाख करोड़ रुपये था। यानी इसमें 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
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