हैदराबाद, 15 नवंबर (आईएएनएस)। नोटबंदी के बाद लगातरा छठे दिन मंगलवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में आम जन नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं।
दोनों राज्यों में मंगलवार को बैंक और एटीएम बूथों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।
दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए पैसे निकालने और 500 तथा 1000 रुपये के पुराने अमान्य नोटों को बदलवाने के लिए बैंकों और एटीएम बूथों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।
भारी भीड़ के चलते बैंकों और एटीएम के बाहर भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा बलों को स्थिति पर नियंत्रण पाने में बड़ी कठिनाई हो रही है।
इतना ही नहीं कई एटीएम बूथों के बंद रहने से लोगों की परेशानी जल्द खत्म होती नजर नहीं आ रही।
500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के आठ नवंबर को अमान्य घोषित होने के बाद से आम जनता असहाय स्थिति में है और उसके पास इंतजार करने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है। यहां तक कि 2000 रुपये के नए नोट पाने वाले भी निराश हैं।
इसके अलावा बैंकों ने ऐसे लोगों के पुराने नोट बदलने से मना कर दिया, जिन लोगों ने पिछले सप्ताह पुराने नोट बदलवाए थे।
हैदराबाद के टोली चौक स्थित आईसीआईसीआई बैंक की शाखा पर कतार में खड़े मोहम्मद शरीफ ने कहा, “मैं तीन घंटे से लाइन में लगा रहा और अंत में बैंक अधिकारियों ने कह दिया कि पिछले सप्ताह चूंकि मैंने 4,000 रुपये मूल्य के पुराने नोट बदलवाए थे, इसलिए अब मैं नोट नहीं बदलवा सकता। जबकि मेरा खाता इसी शाखा में है।”
एक बैंककर्मी ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि बैंक प्रणाली एक व्यक्ति द्वारा एक बार ही नोट बदलवाने की प्रक्रिया स्वीकार करता है।
इतना ही नहीं बैंक ने ऐसे व्यक्तियों के पुराने नोट बदलने से भी इनकार कर दिया, जिनके खाते उस शाखा में नहीं हैं।
कई लोगों ने आरोप लगाए कि बैंक अधिकारी जान-पहचान वाले और कुछ रसूख वालों के साथ ही लेनदेन कर रहे हैं।
पेशे से दिहाड़ी मजदूर जी. नरसैया 2000 रुपये मूल्य के पुराने अमान्य नोट बदलवाने आए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे कतार में दो घंटे से भी अधिक इंतजार करना पड़ा, लेकिन जब मेरी बारी आई तो बैंक अधिकारी ने कहा कि वे मेरे पुराने नोट नहीं बदल सकते, क्योंकि मेरा उस शाखा में खाता नहीं है।”
पुराने अमान्य नोट के बदले 2000 रुपये के नए नोट पाने वाले एक व्यक्ति ने कहा, “इन 2000 रुपये के नोटों का मैं क्या करूं? पूरे बाजार में किसी के पास खुले रुपये नहीं हैं।”
महिलाओं और वृद्ध लोगों को खासा परेशानी हो रही है, क्योंकि अब तक उनके लिए अलग कतारों की व्यवस्था नहीं की गई है। तेलंगाना में छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में ज्यादा परेशानी हो रही है।
पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, गुंटूर, विशाखाट्टनम, राजामुंद्री, नेल्लोर, तिरुपति और कई अन्य शहरों में बैंकों और एटीएम बूथों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।
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