गुवाहाटी, 17 नवंबर (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर भारत के अग्रणी उद्योग मंडल ने गुरुवार को कहा कि नोटबंदी के बाद असम के कारोबार को 25 फीसदी का घाटा हुआ है।
पूर्वोत्तर उद्योग एवं वाणिज्य संघ (एफआईएनईआर) ने केंद्र और राज्य सरकारों से पूर्वोत्तर में बैंकिंग प्रणाली को विस्तार देने का अनुरोध किया, ताकि पूर्वोत्तर की अर्थव्यवस्था और प्रभावित न हो।
उद्योग मंडल ने नकदी पर निर्भर कारोबार और आम आदमी की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी उपाय करने का अनुरोध भी किया।
एफआईएनईआर के अध्यक्ष पवित्र बुरहागोहैन ने कहा, “असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों में कृषि और बागवानी व्यवसाय नकदी पर ही निर्भर है तथा सरकार को नोटबंदी के बाद इन क्षेत्रों से जुड़े व्यवसायियों और छोटे कारोबारियों की मदद करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि सरकार को रेहड़ी-पटरी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों को पुराने अमान्य कर दिए गए नोटों से 30 दिसंबर तक दैनिक सीमा लगाकर लेनदेन करने की इजाजत दी जाए।
बुरहागोहैन ने कहा कि नोटबंदी से प्रभावित तो सभी क्षेत्र हैं, लेकिन निर्माण कार्य, उपभोक्ता वस्तुएं, कीमती वस्तुएं एवं सेवा क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
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