आईजीएनसीए का स्थापना दिवस समारोह 19-20 को

नई दिल्ली, 17 नवंबर (आईएएनएस)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) 19 नवंबर को अपना 28वां स्थापना दिवस मनाएगा। इस मौके पर 19 और 20 नवंबर को दो दिनों का समारोह आयोजित किया जाएगा।

वार्षिक समारोह में आईजीएनसीए के परिसर में समकालीन कलाकारों के द्वारा फिल्म की स्क्रीनिंग और एक कला प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा अन्य प्रस्तुतियां एवं वार्ता भी आयोजित की जाएंगी।

आईजीएनसीए के कार्यक्रम निदेशक डॉ. मंगलम स्वामीनाथन ने कहा, “इस साल आईजीएनसीए की पत्रिका विहंगम को दोबारा लांच किया जाएगा, जो आखिरी बार 2012 में प्रकाशित हुई थी। इसके अलावा, हमारे द्वारा लाए गए अन्य प्रकाशनों का भी विमोचन किया जाएगा।”

उद्घाटन के दिन, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल बी.पी. सिंह ‘संस्कृति और शांति’ पर एक व्याख्यान देंगे। विद्वान और विचारक सिंह ‘बहुधा अप्रोच’ सहित कई लेखों और पुस्तकों के लेखक हैं। इस सत्र की अध्यक्षता लेखक सूर्यकांत बाली करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाने-माने शोधकर्ता, लेखक और समकालीन मामलों के विशेषज्ञ राजीव मल्होत्रा 20 नवंबर का समापन दिवस व्याख्यान देंगे। उनका व्याख्यान सभ्यताओं, संस्कृतियों के बीच पारस्परिक संबंध, धर्म और विज्ञान से संबंधित होगा। सत्र की अध्यक्षता आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय के द्वारा की जाएगी।

मृदंगम लीजेंड पालघाट आर.रघु के पौत्र कर्नाटक गायक अभिषेक रघुराम और ध्रुपद उस्ताद पंडित (प्रोफेसर) ऋत्विक सान्याल दोनों दिन संगीत कार्यक्रम पेश करेंगे।

निदेशक ने कहा, “आईजीएनसीए में एक शास्त्रीय संगीत श्रृंखला, ‘भिन्न शदाज’ को भी शुरू किया जाएगा, जिसके तहत हर महीने एक वरिष्ठ कलाकार को पेश किया जाएगा। श्रृंखला की शुरुआत प्रोफेसर ऋत्विक सान्याल के द्वारा 20 नवंबर की सुबह ध्रुपद गायन के साथ की जाएगी।”

इनके अलावा केंद्र ‘लीला इन खेरिया’ पर एक फिल्म भी दिखाएगा, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष परंपराओं में अटल विश्वास का प्रतीक है। पृथ्वी पर गंगा की उत्पत्ति को चित्रित करने वाली ‘गंगा’ पर एक नृत्य नाटिका को भी इस आयोजन का हिस्सा निर्धारित किया गया है।

आईजीएनसीए की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की स्मृति में की गई थी। कपिला वात्स्यायन इसकी संस्थापक निदेशक थीं। आईजीएनसीए ‘कला’ के विभिन्न पहलुओं एवं संदर्भो के अध्ययन के लिए पुस्तकें, तस्वीरें, ऑडियो-विजुअल सामग्री और डिजिटल स्वरूप के रूप में शैक्षिक संसाधनों का भंडार है।

पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी द्वारा 19 नवंबर, 1987 को शुरू की गई आईजीएनसीए संस्कृति मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था है।

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