हैदराबाद, 21 नवंबर (आईएएनएस)। एक विशेष अदालत ने सोमवार को साल 2013 में हुए दोहरे विस्फोट मामले में फैसला 13 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत द्वारा इस मामले में सोमवार को फैसला सुनाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन इसे टाल दिया गया।
हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में 21 फरवरी, 2013 को दोहरा विस्फोट हुआ था। इसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी और 130 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
मामले की जांच कर रही एनआईए ने अपने निष्कर्ष में पाया कि यह विस्फोट इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकियों ने किया था।
जांच एजेंसी ने मामले के छह आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया। मामले का मुख्य आरोपी रियाज भटकल उर्फ शाह रियाज अहमद मोहम्मद इस्माइल शाहबंदरी फरार है।
पांच आरोपियों असदुल्ला अख्तर उर्फ हादी, यासीन भटकल उर्फ मोहम्मद अहमद सिद्दिबप्पा, तहसीन अख्तर उर्फ मोनू, पाकिस्तानी नागरिक जियाउर रहमान उर्फ वक्स और अयाज शेख के खिलाफ आरोप तय कि ए गए।
पिछले एक साल से चेरलापल्ली के केंद्रीय कारागार की विशेष अदालत में इनके खिलाफ मुकदमा चला। यहीं पर ये पांचों आरोपी बंद हैं।
इस दौरान एनआईए ने 158 गवाह, 201 साक्ष्य साम्रगी और 500 से ज्यादा दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।
विस्फोट के छह महीने बाद यासीन भटकल और असदुल्ला अख्तर को बिहार में नेपाल के नजदीक से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद एनआईएन ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। एनआईए ने इन पांचों आरोपियों के खिलाफ दो आरोप पत्र दाखिल किए।
ये दोहरे विस्फोट 21 फरवरी 2013 को दिलसुखनगर के भीड़वाले इलाके से 100 मीटर की दूरी पर हुए थे।
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