मुंबई, 21 नवंबर (आईएएनएस)। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को काली सूची में डाल दिया है, जो झुग्गियों में काम करने वाले कार्यकर्ता व मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जॉकिन अरपुतम से जुड़ा है।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि रजिस्ट्रेशन संख्या 4127 रद्द होने के बाद एनजीओ स्पार्क और इसके ठेकेदार को फरवरी में ही काली सूची में डाल दिया गया था।
बीएमसी ने एनजीओ की 26 लाख की राशि जब्त कर ली है और उस पर 23 लाख का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया है। साथ ही अगले पांच साल तक कोई नया ठेका लेने पर एनजीओ पर प्रतिबंध लगा दिया है।
गलगली ने आईएएनएस से कहा, “एनजीओ को काली सूची में डालने व अन्य कार्रवाई करने का कारण दोष दायित्व अवधि के दौरान शौचालयों की मरम्मत न होना, खराब गुणवत्ता, कार्य की गति धीमी होना तथा समय-सीमा पार करना बताया गया है।”
संपर्क किए जाने पर अरपूतम (70) ने दावा किया कि बीएमसी की कार्रवाई ठेकेदारों की लॉबी तथा कुछ निहित तत्वों के माध्यम से जानबूझकर और उसे निशाना बनाकर की गई है।
साल 2000 में मैग्सेसे पुरस्कार विजेता अरपूतम ने कहा कि एनजीओ के माध्यम से उन्होंने मुंबई की झुग्गियों में 74 शौचालय खंडों का निर्माण किया है, जिससे उन लाखों झुग्गीवासियों को लाभ हुआ है, जो खुले में शौच करते थे।
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