नई दिल्ली, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्राकृतिक गैस उद्योग के हित के लिए वैश्विक आवाज उठाने वाले संगठन इंटरनेशनल गैस यूनियन ने वैश्विक ऊर्जा नीति में प्राकृतिक गैस की भूमिका पर एक नई रपट जारी की है। ‘ग्लोबल गैस मार्केट्स सपोर्टिग ग्रोथ एंड सस्टेनेबिलिटी’ शीर्षक वाली रपट पर मंगलवार को नई दिल्ली में आईईएफ-आईजीयू मिनिस्टीरियल गैस फोरम की पांचवीं बैठक में चर्चा की जाएगी।
इस रपट में कहा गया है कि विद्युत उत्पादन और औद्योगिक इस्तेमाल में कोयला के बजाय प्राकृतिक गैस पर जोर दिए जाने से पूरे भारत (खासकर नई दिल्ली जैसे शहरों में, जहां हाल में निर्धारित सुरक्षित सीमा की तुलना में 16 गुना अधिक वायु प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया) में शहरी वायु गुणवत्ता पर सकारात्मक असर दिख सकता है। इसी तरह के फायदे परिवहन क्षेत्र में भी प्राकृतिक गैस और एलएनजी के व्यापक इस्तेमाल के जरिए हासिल किए जा सकते हैं।
इस रपट में कहा गया है कि शहरी केंद्रों में प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल से सीओ2 में लगभग 50 फीसदी तथा एनओएक्स उत्सर्जन में 80 फीसदी तक की कमी लाई जा सकती है।
आईजीयू के अध्यक्ष डेविड कैरोल ने कहा, “वैश्विक गैस बाजार का 2000 से 2015 के बीच व्यापार दोगुना हुआ है। भारतीय शहरों में शहरी वायु प्रदूषण खतरनाक स्तरों पर पहुंच गया है और हमने सरकार से प्राकृतिक गैस की व्यापक संभावनाओं का पता लगाने और कोयले के बजाय गैस इस्तेमाल को बढ़ावा दिए जाने का अनुरोध किया है। इससे वायु गुणवत्ता स्तर में सुधार आएगा, जीवनशैली में बदलाव आएगा, आर्थिक लाभ हासिल होगा और आखिरकार जीवन प्रत्याशा बढ़ेगी।”
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