कोच्चि, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की तीसरे सीजन का खिताबी मुकाबला रविवार को यहां के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में स्थानीय टीम केरला ब्लास्टर्स और पहले सीजन की विजेता एटलेटिको दे कोलकाता के बीच खेला जाएगा।
केरल की टीम लगभग 50 हजार समर्थकों के बीच यह फाइनल खेलेगी, ऐसे में कोलकाता के लिए दूसरी बार खिताब जीत पाना आसान नहीं होगा।
इस खिताबी मुकाबले को लेकर केरल के प्रशंसकों में काफी रोमांच है। स्थानीय प्रशंसक अपनी टीम को जीतते देखना चाहते हैं, लेकिन कोलकाता भी खिताब जीतकर इतिहास रचने के अटल इरादे के साथ मैदान पर उतरेगी और इसके लिए उसने कमर कस रखी है। कोच होजे मोलिना ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में अपने इरादे साफ कर दिए। दूसरी ओर, केरल के खिलाड़ी और कोच अपने प्रशंसकों को ट्रॉफी के रूप में उपहार देना चाहते हैं।
केरल ने अपने घर में लगातार छह मैच जीते हैं और फाइनल में जाने से पहले वह जानती है कि उसके समर्थक उसके लिए 12वें खिलाड़ी का काम करेंगे। केरल ने इस सीजन में घर में खेले गए आधे मैचों में एक भी गोल नहीं खाया है, जबकि शेष मैचों में उसके खिलाफ सिर्फ चार गोल हो सके हैं। लेकिन टीम के कोच स्टीव कोपेल का मानना है कि उनकी टीम इस मैच में किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले सकती।
कोपेल ने कहा, “यहां हमारे लिए माकूल माहौल है, क्योंकि हमारे समर्थक हमारे साथ हैं, लेकिन समर्थक मैच नहीं खेलते। जो भी कल जीतेगा वह तभी जीतेगा जब अच्छा खेलेगा। मुझे पता है कि दोनों टीमें एक ही लक्ष्य लेकर मैदान पर उतरेंगी।”
कोपेल अतीत से भलीभांति परिचित हैं। वह जानते हैं कि एफसी गोवा पिछले सीजन में घरेलू मैदान पर चेन्नयन एफसी हाथों हार गई थी। तीसरे सीजन में केरल के पास पहले सीजन की हार का बदला लेने का मौका भी है। पहले सीजन में कोलकाता ने फाइनल में केरल को ही हराकर खिताब जीता था।
कोपेल ने कहा, “यह खेल है। एक बार जब मैच शुरू हो जाता है तो मायने नहीं रखता की स्टैंड में क्या हो रहा है और साथ ही यह भी मायने नहीं रखता कि इतिहास या रिकार्ड किसके हक में रहा है।”
कोच्चि का स्टेडियम भी कोलकाता के लिए अपरिचित नहीं है। टीम के मार्की खिलाड़ी हेल्डर पोस्टिगा का मानना है कि यहां के दर्शक मेहमान टीम के लिए यह मैच मुश्किल बना देंगे।
पोस्टिगा ने कहा, “मैं कल बेहतरीन माहौल की उम्मीद कर रहा हूं। यह आईएसएल का सर्वश्रेष्ठ माहौल है। हम जब भी यहां खेले हैं हमे पता चला है कि केरला कितनी मुश्किल टीम है।”
कोलकाता आईएसएल में लगातार शानदार प्रदर्शन करती आई है। इस सीजन में उसने सिर्फ दो मैच गंवाए हैं। सेमीफाइनल के दूसरे चरण के मैच में टीम के कोच जोस मोलिनो ने मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ नौ बदलाव किए, फिर भी फाइनल में पहुंचने में सफल रहे।
मैच से पहले मोलिना ने कहा, “मैं नहीं जानता कि हम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं या नहीं। हां यह सही है कि हम सिर्फ दो मैच ही हारे हैं, लेकिन मैं सभी टीमों का सम्मान करता हूं। केरल का यह सीजन अच्छा रहा है, लेकिन हम यहां ट्रॉफी जीतने आए हैं।”
कोलाकाता ने लीग के इतिहास में अपने घर से बाहर चार नॉकआउट मुकाबले खेले हैं, जिनमें से सिर्फ एक में जीत हासिल की है और वह मैच 2014 में मुंबई में खेला गया पहले सीजन का फाइनल मैच था।
पोस्टीगा और मोलिना ने जो कुछ कहा उससे केरल के स्थानीय स्टार सी. के. विनीत पर कोई असर नहीं पड़ता दिखा। बेंगलुरू एफसी की ओर से एशियाई फुटबाल परिसंघ (एएफसी) कप- 2016 का फाइनल खेलने के बाद आईएसएल-3 में उतरे विनीत ने केरल के लिए अब तक बेहद अहम प्रदर्शन किया है।
विनीत इस सीजन में अपनी टीम केरल के लिए कुल पांच गोल कर चुके हैं। अब उनकी टीम फाइनल में पहंच चुकी है और केरल के समर्थकों को ट्रॉफी की आस है। विनीत भी यही मानते हैं और उनका कहना है कि वह इस ट्रॉफी को किसी और को नहीं ले जाने देंगे।
विनीत से जब पूछा गया कि आपने लीग की शुरुआत धमाके के साथ की और अब इसका अंत धमाके से करने के लिए क्या तैयारी है तो विनीत ने कहा, “हमारी तैयारी पूरी है और हमने ठान लिया है कि हम इस ट्रॉफी को अपने यहां ही रखेंगे, कहीं और नहीं जाने देंगे।”
विनीत की ही तरह टीम के गोलकीपर संदीप नंदी भी मानते हैं कि केरल के समर्थकों ने हर स्थिति में अपनी टीम का साथ दिया है और वे ट्रॉफी के हकदार हैं। टीम का हर सदस्य और यहां तक की कोच स्टीव कोपेल भी यही मानते हैं।
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