प्रदेश के वन विभाग ने आधुनिक तकनीक के प्रयोग की ओर एक और कदम बढ़ाया है। विभाग ने वृक्षारोपण क्षेत्रों के मूल्यांकन और अनुश्रवण के लिये वेब आधारित वृक्षारोपण अनुश्रवण प्रणाली का विकास किया है। इससे पौध-रोपण में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही पौधों की सतत निगरानी होने से वन के घनत्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने बताया कि वृक्षारोपण की वेब आधारित अनुश्रवण (मॉनीटरिंग) व्यवस्था में स्थलवार वृक्षारोपण के रजिस्ट्रेशन एवं मूल्यांकन के परिणामों की प्रविष्टि की व्यवस्था की गई है। नई व्यवस्था में प्रत्येक वृक्षारोपण क्षेत्र का प्लांटेशन जर्नल अनिवार्य रूप से बनवाया जायेगा। इसके साथ ही रोपण-स्थल के छायाचित्र भी अपलोड किये जा सकेंगे।
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