वैटिकन सिटी, 15 जनवरी (आईएएनएस)। पोप फ्रांसिस और फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने वैटिकन सिटी में फिलिस्तीनी दूतावास खोलने के लिए यहां मुलाकात की।
सीएनएन के मुताबिक, अब्बास ने कहा, “होली लैंड (जॉर्डन नदी और भूमध्य सागर के बीच का क्षेत्र) में एक न्यायपूर्व और स्थायी शांति कायम करने में ‘होली सी’ की भूमिका को लेकर हम बहुत आभारी हैं। हमें वैटिकन में पहली बार फिलिस्तीनी दूतावास खोले जाने पर बेहद खुशी है।”
अब्बास ने कहा, “हमें ईसाई धर्म की जन्मभूमि और दुनिया के सबसे प्राचीन ईसाई समुदायों में से एक होने पर गर्व है।”
वैटिकन का लंबे समय से कहना था कि ‘होली लैंड’ में शांति के लिए द्विराष्ट्र का समाधान सबसे उपयुक्त है और पोप ने मई 2015 में एक कानूनी दस्तावेज में फिलिस्तीनी राज्य को औपचारिक रूप से मान्यता देकर फिलिस्तीनी राज्य का दर्जा बढ़ाने में मदद की थी।
संयुक्त राष्ट्र ने नवंबर 2012 में जब फिलिस्तीन को एक गैर सदस्यीय पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए मतदान किया था, तब वैटिकन ने उसे एक राज्य के रूप में स्वीकार किया था।
होली सी के लिए फिलिस्तीन के राजदूत इसा कसीसीह ने इस कदम को फिलिस्तीनियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
इजरायल ने हालांकि अभी तक इस खबर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की है।
वैटिकन सिटी में इजरायल सहित कई देशों के दूतावास हैं।
अब्बास ने कहा कि वह इजरायल-फिलिस्तीन के बीच शांति प्रक्रिया शुरू करने के उपाय खोजने के लिए रविवार को पेरिस में एक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन में शामिल होने वाले 70 से भी अधिक देशों के अधिकारियों में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी भी शामिल हैं। जबकि इजरायल ने कहा है कि वह सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा।
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