अमेरिकी राज्य ओहियो में स्थित ‘कोल्मबस जू एंड अक्वेरियम’ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, कोलो को अपना 60वां जन्मदिन मनाए एक महीना से भी कम वक्त बीता था।
कोलो का जन्म 22 दिसम्बर, 1956 को चिड़ियाघर में हुआ था। उसने अपने जीवन काल में तीन बच्चों को जन्म दिया।
इंसानों द्वारा पाली गई कोलो ने कोलम्बस जू ( चिड़ियाघर) को कभी नहीं छोड़ा। वह पिंजरे में रहने वाले गोरिल्ला के लिए माने जाने वाले दो दशकों के सामान्य जीवन प्रत्याशा को पार कर गई।
पिछले साल तीन दिसंबर को एक घातक ट्यूमर को हटाने के लिए उसकी सर्जरी हुई थी, हालांकि, यह नहीं पता चल पाया है कि उसकी मौत कैंसर से हुई है या नहीं।
चिड़ियाघर की ओर जारी बयान में कोलो की क्यूरेटर ऑड्रा मीनेल्ट ने कहा, “मैंने जिन पशुओें की देखभाल की उनमें वह सबसे शांत स्वभाव की थी और उसकी देखभाल मेरे करियर का मुख्य आकर्षण है।”
शव के अंत्य परीक्षण के बाद कोलो का अंतिम संस्कार कर उसकी राख चिड़ियाघर में एक अज्ञात स्थान पर दफना दिया जाएगा।
चिड़ियाघर के अध्यक्ष टॉम स्टाल्फ ने अपने बयान में कहा कि कोलो ने उसे देखने आने वालों की पीढ़ियों के दिलों को छुआ है। वह गोरिल्ला प्रजाति की दूत थी और उसने लुप्तप्राय प्रजातियों के बारे में जानने के लिए लोगों को प्रेरित किया।
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