संयुक्त राष्ट्र, 18 जनवरी (आईएएनएस)। भारत ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अगले सप्ताह प्रस्तावित सीरियाई शांति वार्ता का स्वागत किया है और इसे उत्साहजनक घटना बताया है।
संयुक्त राष्ट्र, 18 जनवरी (आईएएनएस)। भारत ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में अगले सप्ताह प्रस्तावित सीरियाई शांति वार्ता का स्वागत किया है और इसे उत्साहजनक घटना बताया है।
उप स्थायी प्रतिनिधि तन्मय लाल ने मंगलवार को मध्य पूर्व पर हुई चर्चा के दौरान सुरक्षा परिषद में कहा, “हम सीरिया में हिंसा समाप्त करने और राजनीतिक प्रक्रिया तुरंत आरंभ करने के लिए सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं।”
लाल के मुताबिक, “यह उत्साहजनक है कि यह प्रक्रिया सीरियाई अरब गणराज्य की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है और इसका नेतृत्व व स्वामित्व सीरिया कर रहा है।”
सरकार और विद्रोहियों के बीच छह साल तक चला गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद यह वार्ता रूस, तुर्की और ईरान द्वारा समर्थित है।
लाल ने इस प्रक्रिया में संयुक्त राष्ट्र की सार्थक भागीदारी को भी अवश्य्क बताया।
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने इस बात की पुष्टि की थी कि संयुक्त राष्ट्र को अस्ताना वार्ता में शामिल होने का आमंत्रण मिला है और सीरिया में कार्यरत संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत स्टेफन डी मिस्तुरा अपने सहयोगी रैमजी एजेलदीन की अध्यक्षता में एक टीम भेज रहे हैं।
लाल ने रूस द्वारा सीरिया में संघर्षविराम का स्वागत किया है। संघर्षविराम 30 दिसम्बर, 2016 से प्रभावी हुआ। उन्होंने इसे बेहद जरूरी सकारात्मक घटनाक्रम बताया है।
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