ओबामा के राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स ने मंगलवार को यहां कहा, “इस पर कोई बातचीत नहीं हो सकती, क्योंकि चीन के साथ हमारा पूरा रिश्ता एक-चीन नीति पर ही निर्भर है। शंघाई घोषणा-पत्र और कूटनीतिक रिश्तों की बहाली का भी यही आधार था।”
रोड्स ने एक चीन नीति को ‘दुनिया के सबसे बड़े देश के साथ किया करार’ कहा।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल को एक साक्षात्कार में कहा था कि एक चीन नीति पर चर्चा की जानी चाहिए और वह इसे लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं।
ट्रंप की टिप्पणी के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि एक चीन नीति द्विपक्षीय संबंधों की राजनीतिक बुनियाद है और इस पर कोई बातचीत नहीं हो सकती।
रोड्स ने मंगलवार को आगामी अमेरिकी प्रशासन को इस मुद्दे पर कोई नया रुख अख्तियार न करने की चेतावनी देते हुए ऐसे किसी भी संभावित कदम को ‘जोखिमभरा’ और ‘अस्थिर करने वाला’ कहा।
ओबामा प्रशासन में शीर्ष विदेश नीति सहयोगी ने कहा कि उन्हें लंबे समय से पुरानी नीति को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव में कोई लाभ नजर नहीं आता।
dharmpath.com dharmpath