मेलबर्न, 20 जनवरी (आईएएनएस)। इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म ‘लॉयन’ को समीक्षकों से काफी सराहना मिल रही है।
मेलबर्न, 20 जनवरी (आईएएनएस)। इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म ‘लॉयन’ को समीक्षकों से काफी सराहना मिल रही है।
फिल्म एक ऐसे बच्चे के बारे में हैं जो अपने माता-पिता से बिछड़ जाता है और कोलकाता की सड़कों पर दर-दर भटकता फिरता है। आखिरकर एक आस्ट्रेलियाई दंपति उसे गोद ले लेता है। वह 25 साल बाद अपने माता-पिता को ढूंढने की कोशिश करता है।
इस भावनात्मक फिल्म में निकोल किडमैन, रूनी मारा और देव पटेल जैसे बड़े कलाकारों ने काम किया है।
बाल कलाकार सनी पवार के अभिनय ने समीक्षकों का दिल जीत लिया है, जो (फिल्म में) होबार्ट पहुंचने से पहले ‘तीन जिंदगियों के बराबर की तकलीफ बर्दाश्त कर चुके होते हैं।’
यह फिल्म लेखक सारू ब्रायर्ले के वास्तविक जीवन पर आधारित है। इसमें उन्होंने भारत में अपने जीवन और फिर आस्ट्रेलिया में पुनर्जीवन का जिक्र किया है।
समाचार पत्र सिडनी मार्निग हेराल्ड के मुताबकि, “छोटे बच्चे शेरु की भूमिका में सनी पवार असाधारण हैं। निर्देशक गार्थ डेविस ने उनकी भूमिका के इस हिस्से को बेहतरीन तरीके से फिल्माया है। बच्चे को एक ऐसे माहौल में रखा है जिसमें उसके आसपास मौजूद लोग देवदूत भी हो सकते हैं और शैतान भी। और, इसे देखते हुए हम बच्चे की तकलीफ से खुद का जुड़ाव महसूस करने लगते हैं।”
‘लॉस्ट ब्वॉय टेल हिट्स इमोशनल पेलोड’ शीर्षक वाली एक समीक्षा में समीक्षकों ने लिखा है कि लेखक चार्ल्स डिकेंस भी इससे बेहतर कहानी नहीं लिख पाते जैसी कि सारू ब्रायर्ले ने लिखी है। कहानी में ऐसा सादगी भरा सौंदर्य है कि आप चाहते ही नहीं हैं कि यह खत्म हो। समीक्षकों ने लिखा है कि कहानी के दूसरे हिस्से में इतना दर्द है कि अगर यह इससे कम होता तो भी बहुत अधिक होता।
फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले देव पटेल को इस फिल्म से एक नई ऊंचाई मिली है। वह एक बड़े हॉलीवुड अभिनेता के रूप में उभर रहे हैं।
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