नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। अपने बजट पूर्व प्रस्तावों में पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से कहा है कि वे वित्त वर्ष 2017-18 के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 फीसदी कर दें, जिसमें सेस और सरचार्ज भी शामिल हो।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (आईएएनएस)। अपने बजट पूर्व प्रस्तावों में पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से कहा है कि वे वित्त वर्ष 2017-18 के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 फीसदी कर दें, जिसमें सेस और सरचार्ज भी शामिल हो।
पीएचडी चैम्बर ने वित्त मंत्री को भेजे बजट प्रस्ताव में कहा, “कॉरपोरेट कर 25 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए, जो अभी 30 फीसदी है और सेस और सरचार्ज के साथ 34.6 फीसदी हो जाता है।”
इसमें यह सुझाव भी दिया गया कि आवास ऋण पर ब्याज चुकाने पर मिलने वाले छूट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दी जाए।
कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए दिए जाने वाले प्रोत्साहन की सराहना करते हुए चैम्बर के अध्यक्ष गोपाल जिवराजका ने सुझाव दिया कि आरटीजीएस और एनइएफटी लेनदेन शुल्कमुक्त होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जुलाई से जीएसटी लागू हो रही है। इससे अप्रत्यक्ष कराधान बहुत हद तक युक्तिसंगत हो जाएगा। लेकिन सरकार से गुजारिश है कि इसमें अधिकतम दर 20 फीसदी तक ही होनी चाहिए। इसमें कारण बताओ नोटिस को 36 महीनों की बजाए 18 महीने ही रखना चाहिए तथा इसमें मुनाफाखोरी के खिलाफ जो खंड है, उसे हटा देना चाहिए।”
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