नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व राजस्व सचित एन.के. सिंह के नेतृत्व वाली राजकोषीय जवाबदेही एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) समिति ने सोमवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली को अपनी रपट सौंप दी है, जिसमें देश की भावी राजकोषीय ढांचे एवं कार्ययोजना पर सिफारिशें की गई हैं।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व राजस्व सचित एन.के. सिंह के नेतृत्व वाली राजकोषीय जवाबदेही एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) समिति ने सोमवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली को अपनी रपट सौंप दी है, जिसमें देश की भावी राजकोषीय ढांचे एवं कार्ययोजना पर सिफारिशें की गई हैं।
वित्त मंत्रालय की ओर से यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि समिति ने राजकोषीय मामलों के साथ ही बजट में नए व्यय के साथ जुड़े खास मुद्दों पर सांस्थानिक ढांचे को मजबूत करने पर भी सिफारिशें की हैं।
बयान में कहा गया है, “समिति ने व्यापक तौर पर घटकों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इसने प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और विशेषज्ञों के भी जानकारी हासिल की। समिति ने केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों के साथ भी बातचीत की।”
बयान में कहा गया है, “सरकार रपट का परीक्षण करेगी और उचित कार्रवाई करेगी।”
इसके पहले समिति अपनी रपट 31 अक्टूबर को सौंपने वाली थी।
यह समिति ऋण स्थिरता और राजकोषीय ईमानदारी के लिए आगे के रास्ते का परीक्षण कर रही है, ताकि वृद्धि प्राथमिकता और व्यापक आर्थिक स्थिरता को एकसाथ मिलाया जा सके।
जेटली ने 2016-17 के बजट भाषण में एफआरबीएम अधिनियम में संशोधन के लिए एक समिति गठित की थी। इसके बाद मई में सरकार ने राजकोषीय समेकन की एक कार्ययोजना सुझाने के लिए पांच सदस्यीय एक समिति गठित की थी।
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