अस्ताना, 24 जनवरी (आईएएनएस)। रूस, ईरान और तुर्की ने मंगलवार को ऐलान किया कि वे सीरिया में संघर्षविराम का समर्थन करने के लिए एक त्रिस्तरीय तंत्र स्थापित करेंगे। इन तीनों देशों ने सीरिया के विपक्ष से जिनेवा शांति वार्ता में भाग लेने का अनुरोध किया।
वार्ता के अंत में यहां एक बयान जारी किया गया जिसे कजाकिस्तान के विदेश मंत्री कैरात अब्द्रामेनोव ने पढ़ा। बयान में कहा गया है, “ईरान, रूस और तुर्की के प्रतिनिधिमंडल अस्ताना में 23 और 24 जनवरी को सीरियाई सरकार और वहां के सशस्त्र विपक्ष के बीच हुई वार्ता की शुरुआत का समर्थन करते हैं।”
मॉस्को, तेहरान और अंकारा सहमत हैं कि केवल एक राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए सीरियाई संकट को हल किया जा सकता है और इसका कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता है।
तीनों देश इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकियों के खिलाफ संयुक्त लड़ाई लड़ने पर भी सहमत हुए जिन्हें अल नुसरा फ्रंट के साथ वार्ता में शामिल नहीं किया गया है। तीनों देशों ने सीरियाई सशस्त्र विपक्षी संगठनों से आतंकियों को अलग करने की सलाह दी। मध्यस्थ देशों ने सीरियाई संकट पर दिसम्बर, 2015 में अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2254 के क्रियान्वयन का भी स्वागत किया।
तीनों देशों ने कहा कि वे 8 फरवरी को जिनेवा में होने वाली अगले दौर की वार्ता में सशस्त्र विपक्षी संगठनों के शामिल होने की इच्छा का समर्थन करते हैं।
सीरिया ने करीब छह वर्षो तक खूनी गृह युद्ध देखा है जिसमें करीब 2,50,000 नागरिकों की जानें चली गई हैं।
राष्ट्रपति बशर-अल-असद से लड़ने के लिए विरोधी संगठनों के एकसाथ आने के बाद मार्च, 2011 को सीरियाई लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों ने गृह युद्ध का रूप ले लिया। अब संघर्ष ने सांप्रदायिक रुख अख्तियार कर लिया है। देश के सुन्नी बहुमत और शिया मुसलमान एकदूसरे से लड़ रहे हैं और इसमें अमेरिका, रूस और तुर्की समेत क्षेत्रीय और विश्व शक्तियां शामिल हो गई हैं।
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