नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा मंगलवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2016-17 की पहली छमाही में विदेशी पूंजी प्रवाह में 30.72 फीसदी की वृद्धि हुई है।
सर्वेक्षण में कहा गया है, “अप्रैल-सितंबर 2016-17 के दौरान 21.7 अरब डॉलर एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) निवेश प्राप्त हुआ, जबकि वित्त वर्ष 2015-16 की समान अवधि में यह 16.6 अरब डॉलर था। इसमें 30.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।”
सर्वेक्षण के अनुसार, “जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा एफडीआई प्राप्त हुआ, उनमें सेवा क्षेत्र, निर्माण, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर और टेलीकम्यूनिकेशन प्रमुख रहे।”
हालांकि सर्वेक्षण में कहा गया है कि इसमें सबसे अधिक तेजी सितंबर 2016 में देखी गई। उसके बाद इसमें कमी आने लगी, खासतौर से उभरते बाजारों की तरफ इसका प्रवाह होने लगा।
इसके अलावा सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2008 की मंदी के बाद शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) में पहली बार नकारात्मक दर देखी गई है और समीक्षाधीन अवधि में भारतीय बाजार से कुल 23,079 करोड़ रुपये निकाल कर अन्य उभरते बाजारों में ले जाए गए।
सर्वेक्षण के मुताबिक, केंद्र सरकार ने रक्षा, रेलवे अवसंरचना, निर्माण और फार्मास्यूटिक क्षेत्र में एफडीआई नीति को सरल और उदार बनाया है और देश में निवेश को बढ़ावा देने और व्यापार में आसानी के लिए कई कदम उठाए हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया, “निवेश को बढ़ावा देनेवाली नीतियों में मेक इन इंडिया, इनवेस्ट इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और राष्ट्रीय ई-गवर्नेस योजना के तहत ई-बिज मिशन प्रमुख हैं।”
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