नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को संसद में वित्तवर्ष 2017-18 का आम बजट पेश किया और कहा कि जीएसटी परिषद ने व्यापक बहस और विचार-विमर्श के बाद सहमति से लगभग सभी मुद्दों पर अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप दे दिया है।
जेटली ने कहा, “सरकार ने जीएसटी परिषद के गठन सहित संविधान संशोधन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू किया है। जीएसटी परिषद ने जीएसटी कर ढांचे की व्यापक रूपरेखा, समझौता योजना के लिए न्यूनतम छूट और मानदंड, जीएसटी लागू करने के कारण राज्यों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति का विवरण, नमूना जीएसटी कानून के मसौदे का परीक्षण, एकीकृत जीएसटी कानून और प्रतिपूर्ति कानून तथा जीएसटी के प्रशासनिक तंत्र सहित जीएसटी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए नौ बैठकें आयोजित की।”
जेटली ने अपने भाषण में कहा, “जीएसटी के लिए व्यापार और उद्योग तक पहुंच बनाने के व्यापक प्रयास एक अप्रैल, 2017 से शुरू होंगे, ताकि व्यापार और उद्योग जगत को नई कराधान प्रणाली के बारे में जागरूक किया जा सके।”
उन्होंने कहा, “संविधान अधिनियम 2016 (101वां संशोधन) के बारे में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। स्वतंत्रता के बाद जीएसटी सबसे बड़ा कर सुधार है। राज्यों और केन्द्रीय सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क बोर्ड के अधिकारियों की अनेक टीमें मॉडल जीएसटी कानून, नियम और अन्य विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए कार्य कर रही हैं।”
जेटली ने कहा कि सरकार केंद्रीय सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क बोर्ड के माध्यम से सहकारी संघवाद की भावना से समझौता किए बिना निर्धारित समय पर जीएसटी लागू करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
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