अमेरिका के रक्षामंत्री जेम्स मैट्टिस ने कहा था कि अमेरिका-जापान रक्षा संधि पूर्वी चीन सागर में विवादित द्वीपों पर लागू होती है, जिसके बाद चीन ने अमेरिका को लताड़ लगाई है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा, “दियाओउ द्वीप और इससे सटे द्वीप प्राचीन समय से चीनी क्षेत्र के अभिन्न हिस्सा रहे हैं, जो अपरिवर्तनीय ऐतिहासित तथ्य है।”
मैट्टिस ने शुक्रवार को टोक्यो पहुंचने के बाद क्षेत्र में जापानी क्षेत्र की रक्षा करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, लु ने कहा कि आपसी सहयोग और रक्षा पर आधारित अमेरिका, जापान की तखाकथित संधि शीतयुद्ध की देन है।
लु कांग ने कहा, “हम अमेरिकी पक्ष से जिम्मेदाराना व्यवहार का आग्रह करते हैं। वह दियाओउ द्वीपों की संप्रभुता से संबंधित मामलों पर गलत टिप्पणी बंद करें। वह मुद्दों को अधिक जटिल बनाने से बाज आए।”
चीन और जापान के बीच दियाओउ द्वीपों की संप्रभुता को लेकर विवाद है। इन द्वीपों को जापान में सेनकाकू कहा जाता है।
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