नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। दूरसंचार क्षेत्र में कर्मचारियों को कौशलयुक्त करने के उद्देश्य से टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी) ने एक पहल की है। इसके तहत भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के तकरीबन 10 हजार कर्मचारियों का प्रमाणीकरण (रिकगनाइजेशन ऑफ प्रायर लर्निग-आरपीएल) किया जाएगा।
दक्षिण कोरिया में 96 प्रतिशत आबादी को ‘स्किल्ड मैनपॉवर’ करार दिया गया है जबकि भारत में मुश्किल से 3 प्रतिशत लोगों को ही ‘स्किल्ड’ कहा जाता है। यह कहना गलत होगा कि भारत में कौशलयुक्त श्रमशक्ति मौजूद ही नहीं है। असल में देश में एक बड़ी आबादी कौशलयुक्त है, लेकिन इसका प्रमाणीकरण नहीं किया गया है। ऐसे में आरपीएल कर्मियों और कंपनी, दोनों के लिए एक विकास इंजन की तरह काम करता है।
आरपीएल (रिकगनाइजेशन ऑफ प्रायर लर्निग) अनौपचारिक रूप से मिले ज्ञान को मान्यता प्रदान करने और शिक्षा के औपचारिक स्तर के समान मान्यता प्राप्त करने के लिए कार्य/अनुभव से सीखने का एक प्लेटफॉर्म है। गुरुवार को इसकी शुरुआत बीएसनल के दिल्ली आफिॅस से की गई।
टीएसएससी की इस पहल का मकसद बीएसनल के कर्मचारियों का आरपीएल करके उन्हे इस काबिल बनाना है जिससे वो कुशल बनकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में खुद को कामयाब कर सकें और साथ ही कंपनी की उत्पादकता भी बढ़ सके।
इस योजना को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत देश में शुरू किया गया है। इस योजना के तहत 2022 तक विभिन्न सेक्टर में 40 करोड़ मौजूदा कर्मियों तक पहुंचने का है। फिर इनका मूल्यांकन कर इन्हें केंद्र सरकार द्वारा सर्टिफिकेट जारी करना है।
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