उप्र : बिजली ‘मेहमान’ मगर बिल आया तगड़ा!

छोटी रानी की न तो कोई बड़ी फैक्ट्री है और न कोई होटल, बल्कि एक छोटा सा घर है, जिसमें दो बल्ब और दो पंखे हैं। चार साल पहले आए इस बिल में सुधार के लिए वह अब भी बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रही है।

छोटी रानी ने बताया कि वर्ष 2011 में उसने मीटर लगवाया था। दो महीने बाद एक लाख रुपये का बिल आया। छोटी ने शिकायत की, पर बात टाल दी गई। वर्ष 2014 में बिल की रकम बढ़कर करोड़ों में हो गई।

वह कहती है, “बिजली लगवाना मुझे भारी पड़ गया। इतने पैसे हम कहां से लाएंगे? इतनी रकम चुकाने में तो हम पूरा बिक जाएंगे।”

छोटी रानी के बेटे अजय कुमार ने कहा, “इस समस्या का हल बिजली विभाग को करना चाहिए। हम चार साल से बिजली दफ्तर के चक्कर काटते-काटते थक गए। विभाग अपनी गलती मान रहा है, लेकिन बिल में सुधार नहीं कर रहा है।”

इस बावत जब बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर रविशंकर गुप्ता पूछा गया तो उन्होंने कहा, “छोटी रानी के घर में एक किलो वोल्ट का कनेक्शन था, पर मीटर रीडर ने गलती से एक हजार किलो वोल्ट लिख दिया। मैं इस समस्या का हल जल्द निकलवाने का आश्वासन देता हूं।”

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