सुरक्षा परिषद ने साल 2014 में प्रस्ताव संख्या 2140 के तहत यह प्रतिबंध लगाया था। गुरुवार को इसी प्रतिबंध को सर्वसम्मति से एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। इसके तहत यमन में शांति प्रक्रिया में बाधक व्यक्तियों व संगठनों पर यात्रा करने संबंधी रोक जारी रहेगी और उनकी संपति को जब्त किया जाना भी जारी रहेगा।
परिषद ने यमन में चल रही राजनीतिक, आर्थिक, मानवीय चुनौतियों व संकटपूर्ण हालात और हथियारों के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर की है।
हौती विद्रोहियों द्वारा साल 2014 के अंत में संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार को अपदस्थ करने के बाद से यमन में संघर्ष छिड़ा हुआ है।
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