लंदन, 24 फरवरी (आईएएनएस)। रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने शुक्रवार को साल 2016 में सात अरब पाउंड स्टर्लिग (आठ अरब डॉलर) के घाटे की जानकारी दी है। 2008 में सरकारी खैरात पाने के बाद से कंपनी का कुल घाटा 58 अरब पाउंड हो चुका है।
गार्जियन की रपट के मुताबिक, करदाताओं के धन से चलनेवाले इस बैंक ने यह भी स्वीकार किया है कि साल 2018 तक उसे लाभ की उम्मीद नहीं है। यह दर्शाता है कि करीब 10 सालों तक नुकसान उठाने के बाद ही कंपनी पटरी पर लौटेगी।
आरबीएस के मुख्य कार्यकारी रॉस मैकइवान ने बताया, “आज (शुक्रवार) हमने जो नुकसान की जानकारी दी है, वह निश्चित रूप से निराशाजनक है। लेकिन विरासत में हमें जो मुद्दे मिले हैं और जिन पर हमने 2016 में काम किया, उसे देखते हुए यह आश्चर्यचकित करनेवाला नहीं है।”
मैकइवान ने कहा, “यह घाटा एक चेतावनी है कि अगर चीजें गलत हो जाती हैं और आप ग्राहकों पर से अपना ध्यान हटा लेते हैं तो क्या हो जाता है। जैसा कि बैंक ने वित्तीय संकट से पहले किया था।”
बैंक ने कहा कि इस नुकसान में अकेला 10 अरब पाउंड का नुकसान केवल एक मद का है, जिसमें 5.9 अरब पाउंड संभावित जुर्माने के कारण हुआ है। अमेरिकी न्याय विभाग में कंपनी के खिलाफ टॉक्सिंग बॉन्ड को धोखाधड़ी से बेचने का मामला चल रहा है। इसी मामले ने कंपनी को संकट में पहुंचाया था।
2008 में सरकार से मिली आर्थिक मदद से पहले बैंक को 90,000 लोगों की नौकरियां छीननी पड़ी थी। क्योंकि बैंक ने अपने जोखिम वाले व्यापार का बड़ा हिस्सा बेच दिया था। इससे बैंक कर्मियों की संख्या घटकर 80,000 रह गई।
2014 में बैंक की 540 शाखाओं को बंद करना पड़ा था।
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