श्रीनगर, 24 फरवरी (आईएएनएस)। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीरी नौजवान किसी कारणवश हथियार उठाते हैं और उन्हें मौत की धमकी से डराया नहीं जा सकता।
नेशनल कांफ्रेस के मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं से अबदुल्ला ने कहा, “वे मौत से नहीं डरते, न नहीं धमकी से डराया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने खुद को अल्लाह की इच्छा पर सौंप दिया है।”
उन्होंने कहा कि उन्होंने विधायक, सांसद या मंत्री बनने के लिए बंदूक नहीं उठाया है। उन्होंने कहा, “हमारी पीढ़ी को धोखा दिया गया, लेकिन हमारे अधिकारों की लड़ाई 1931 से जारी है।”
दिग्गज राजनेता ने भारत और पाकिस्तान दोनों को कश्मीर के लोगों के संघर्ष की वास्तविकता को नहीं समझने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने कहा, “उनके शब्द विभाजन के लिए नहीं एकता के लिए होने चाहिए।”
dharmpath.com dharmpath