नोटबंदी से उबर रही है भारतीय अर्थव्यवस्था : मूडीज

न्यूयार्क, 1 मार्च (आईएएनएस)। नोटबंदी के बाद प्रचलन में नकदी बढ़ने के साथ ही स्थितियां सामान्य हो रही है। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

न्यूयार्क, 1 मार्च (आईएएनएस)। नोटबंदी के बाद प्रचलन में नकदी बढ़ने के साथ ही स्थितियां सामान्य हो रही है। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मूडीज ने यहां एक बयान में कहा, “नोटबंदी के बाद नकदी के प्रचलन में बढ़ने के साथ ही स्थितियां सामान्य हो रही है और सरकार वापस सुधार के एजेंडे पर बढ़ रही है।”

केंद्र सरकार ने पिछले साल 1000 और 500 रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर कर दिया था।

मूडीज ने अपनी रिपोर्ट ‘इंडियन क्रेडिट- इकॉनमिक स्लोडाउन फ्रॉम डीमोनिटाइजेशन वेन्स, क्रेडिट इंप्लीकेशंस अनफोल्डिंग’ में कहा, “लोगों के बीच नकदी का प्रवाह बढ़ने से स्थितियां सुधरी है। हमारा अनुमान है जनवरी-मार्च तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.4 फीसदी रहने का अनुमान है जो अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में 7 फीसदी रही है।”

इसमें बताया गया कि ध्यान देने योग्य बात यह है कि रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर नोटबंदी के बाद तेज गिरावट के बाद धीरे-धीरे उबर रही है और यह प्रचलन वित्त वर्ष 2017-18 में भी जारी रहेगा। इसमें कहा गया कि नोटबंदी के बाद स्टील उत्पादन के क्षेत्र में भी सुधार आ रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया, “नोटबंदी से तेल और गैस क्षेत्र पर कम असर देखने को मिला, जबकि आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के कारण खुदरा उधारकर्ताओं के बीच कर्ज की मांग पर असर पड़ा है।”

इस रिपोर्ट में बैंकों में बड़े पैमाने पर नकदी जमा होने के बारे में कहा गया कि इसमें अभी 1-2 फीसदी की और बढ़ोतरी होगी और खुदरा लेन-देन का प्रमुख साधन नकदी बना रहेगा।

वहीं, सुधारों के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार का एजेंडा सही दिशा में जारी है।

मूडीज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उसका मानना है कि नोटबंदी से देश के संस्थागत ढांचे को मजबूती मिली है, क्योंकि करचोरी रूकी है और भ्रष्टाचार घटा है। जो कि देश की सॉवरिन क्रेडिट सकारात्मक बनाता है।

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