समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासेमी ने मिस्र को एक महत्वपूर्ण देश बताते हुए उसके साथ मजबूत संबंध स्थापित करने की राह की बाधाओं को जल्द दूर कर लिए जाने की उम्मीद जताई है।
कासेमी ने कहा कि देश में मिस्र के हितों को देखने वाले कार्यालय के माध्यम से ईरान उसके (मिस्र के) साथ आवश्यक संपर्क बनाए रखता है। उन्होंने संबंधों में आ रही बाधाओं के जल्द दूर हो जाने और द्विपक्षीय संबंध बेहतर होने की उम्मीद जताई है।
पिछले कुछ सालों में ईरान ने कुछ मुद्दों पर मिस्र के साथ मतभेदों को सुलझाने के द्वारा दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने के संकेत दिए हैं।
मिस्र द्वारा 1979 में इजरायल के साथ शांति समझौता करने के बाद ईरान और मिस्र के राजनयिक संबंध टूट गए थे। होस्नी मुबारक को राष्ट्रपति पद से हटाए जाने और मोहम्मद मोरसी के इस पद पर काबिज होने के बाद दोनों देशों के नेताओं के परस्पर दौरों के बाद रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलनी शुरू हुई। मोरसी को सत्ता से हटाए जाने के बाद यह प्रक्रिया फिर धीमी पड़ी है लेकिन दोनों देश आपसी रिश्ते के महत्व को रेखांकित करते रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath