टाटा पावर का वैश्विक बाजारों में विस्तार पर जोर

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। टाटा पावर ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पोर्टफोलियों का विकास जारी रखने के लिए प्राथमिकता के स्तर पर चार प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों- अफ्रीका, दक्षिण मध्य एशिया, मध्य पूर्व और सार्क (भारतीय क्षेत्र) का चयन किया है। कंपनी इन विदेशी क्षेत्रों में अपने विस्तार एवं पोर्टफोलियो की विश्वव्यापी मजबूती के लिए विकास क्षेत्रों की पहचान करना जारी रखेगी।

टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने एक बयान में कहा, “हमने अपने विश्वव्यापी विस्तार के लिए चार क्षेत्रों – दक्षिणपूर्व एशिया, मध्यपूर्व कम तुर्की और अफ्रीका का चुनाव किया है। इन क्षेत्रों में कंपनी के स्वरूप को बाजार की गतिशीलता के अनुरूप बनाए रखने के लिए हमने काफी संसाधनों का निवेश किया है।”

उन्होंने कहा, “टाटा पावर हितों से जुड़े चयनित भूभागों में संभावित साझेदारियों सहित वितरण व्यवसाय में प्रबंधकीय एवं तकनीकी परामर्शी सेवाएं मुहैया करने के लिए विभिन्न संभावनाओं का मूल्यांकन जारी रखेगी। भारतीय बाजार पर अपना मुख्य फोकस जारी रखते हुए हम अपने पोर्टफोलियो की विविधता एवं विस्तार के लिए इन भूभागों में परियोजनाओं में निवेश के अवसरों की खोज करते रहेंगे।”

कंपनी की मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में जांबिया की इतेझीतेझी पावर कारॅपोरेशन लिमिटेड (आइटीपीसी) है। इतेझीतेजी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में कंपनी की 50 फीसदी हिस्सेदारी है जिसने जांबिया में 120 मेगावाट की इतेझीतेझी हाइड्रो प्रोजेक्ट का काम पूरा किया है। इस विशेष परियोजना का उद्देश्य जांबिया में इतेझीतेझी बांध पर 120 मेगावाट का हाइड्रो पावर प्लांट बनाना एवं संचालित करना है।

दक्षिण अफ्रीका में टाटा पावर की सेनर्जी प्राइवेट लिमिटेड नाम कंपनी की दक्षिण अफ्रीकी प्रमुख कंपनी एग्जैरो के साथ संयुक्त उपक्रम है और संयुक्त उपक्रम कंपनी मेसर्स सेनर्जी लिमिटेड 134.4 मेगावाट वाले अमाखला एमोयेनी विंड फार्म और 95.3 मेगावाट वाले त्सिसिकामा कम्युनिटी विंड फार्म नामक कुल 235 मेगावाट विंड फार्म पर काम कर रही है। टाटा पावर 95 मेगावाट वाली त्सिसिकामा कम्युनिटी विंड फार्म (टीसीडब्लूएफ) विंडि फार्म परियोजना के व्यावसायिक परिचालन की शुरुआत की घोषणा कर चुकी है।

नाइजीरिया में टाटा पॉवर वितरण उपक्रम में तकनीकी एवं प्रबंधकीय सलाहकार के रूप में कार्यरत है और बेनिन एवं ईको वितरण कंपनियों का प्रबंधन कर रही है।

मध्य पूर्व एवं तुर्की क्षेत्र के जॉर्जिया में टाटा पावर की कंपनी अदजारित्सकली जॉर्जिया एलएलसी 187 मेगावाट परियोजना पर काम कर रही है। इसके 2017 की पहली तिमाही में शुरू हो जाने की उम्मीद है। जॉर्जिया की ही शुआखेवी हाइड्रो प्रोजेक्ट में 184 मेगावाट विद्युत उत्पादन के लिए सुरंग बनाने का काम प्रगति पर है। वहीं, 178 मेगावाट वाले शुआखेवी पावरहाउस को इसी साल जून तक और 9 मेगावाट वाले स्खाल्ता पावरहाउस को अगस्त तक चालू करने की योजना है।

जॉर्जिया में ही 1.2.5 कोरोम्खेती एचपीपी 150 मेगावाट की परियोजना में भूतकनीकी परीक्षणों से प्राप्त नतीजों के आधार पर संशोधित परियोजना वित्तीय विश्लेशण से परियोजना की लागत बढ़ गई है। परियोजना के लिए बिल्ड-ऑन-ऑपरेट (बीओओ) और संचारण प्रेषण अनुबंध में संशोधनों के लिए जॉर्जिया सरकार (जीओजी) से बातचीत चल रही है।

दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के अंतर्गत इंडोनेशिया में कंपनी का संबंध चार माइनिंग कंपनियों- केपीसी, अरुत्मिन, एजीएम और बीएसएसआर के साथ कायम है। यह उत्पादक खंड हैं और दुनिया भर में विभिन्न ग्राहकों को मुख्यत: थर्मल कोयले का निर्यात करते हैं। इंडोनेशिया में केपीसी संगाथा क्षेत्र में 3़18 मेगावाट थर्मल प्रोजेक्ट निर्माण की प्रक्रिया में है।

कंपनी वियतनाम के सॉक थांग जिले में आयातित कोयला आधारित 1320 मेगावाट की लांग फू 2 आयातित कोयला आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही है। यह निर्माण सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी के आधार पर हो रहा है, जिसके लिए संभाव्यता अध्ययन पूरा हो चुका है और पीपीए को लेकर बातचीत चल रही है।

भूटान में टाटा पावर दगाछू जल विद्युत परियोजना (डीएचपीसी) (2़63 मेगावाट) चला रही है। इस परियोजना को मार्च 2015 में चालू किया गया। इस परियोजना में कंपनी की 26 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि बाकी हिस्सा शत-प्रतिशत बिजली भारत में बेचने के अधिकार के साथ भूटान सरकार के अधीन है।

म्यांमार में टाटा पावर ने दक्षिण-पूर्व हिस्से में आयातित कोयला आधारित 600 मेगावाट की परियोजना के निर्माण के लिए म्यांमार सरकार के साथ समझौता किया है। संभाव्यता रिपोर्ट (एफआर) सौंपी जा चुकी है और आगे की बातचीत चल रही है।

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