समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, देश की संवैधानिक अदालत के कार्यवाहक प्रमुख ने यह फैसला सुनाया। इसका टेलीविजन पर सीधा प्रसारण किया।
पार्क देश की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई पहली ऐसी नेता हैं, जिन्हें पद से हटा गया है।
संसद ने पार्क के खिलाफ नौ दिसंबर को महाभियोग प्रस्ताव पारित किया था। उन पर सरकारी मामलों में अपनी करीबी दोस्त को सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करने देने, उनसे मिलकर एक खास कंपनी समूह से धन उगाही करने तथा 2014 में नौका दुर्घटना के दौरान अपनी जवाबदेहियों की उपेक्षा का आरोप है, जिसमें 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
अदालत के फैसले के मुताबिक, पार्क के स्थान पर नए राष्ट्रपति का चुनाव 60 दिनों के भीतर करना होगा।
इसके लिए चुनाव नौ मई को हो सकते हैं।
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