कोलकाता, 23 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय डेविस कप टीम के पूर्व कप्तान नरेश कुमार ने गुरुवार को उम्मीद जताई है कि देश के दो बड़े खिलाड़ियों लिएंडर पेस और महेश भूपति अपने बीच के मतभेदों को पीछे छोड़ उजबेकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले में देश की बेहतरी के लिए काम करेंगे।
भारत और उजबेकिस्तान के बीच डेविस कप के एशिया/ओसीनिया ग्रुप-1 का मुकाबला सात अप्रैल से शुरू होगा।
इन दोनों के अलावा भारतीय टीम में युकी भांबरी, रामकुमार रामनाथन, श्रीराम बालाजी, प्राजनेश गुन्नेस्वरन भी शामिल हैं।
नरेश ने कहा, “मैं इस कदम का स्वागत करता हूं। उन दोनों के बीच मतभेद थे। आप जानते हैं कि हर किसी के बीच मतभेद होते हैं। अगर वह एकसाथ आते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।”
रोलां गैरो की राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट के मौके पर दक्षिण कलिकत्ता संसद (डीकेएस) आए नरेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “दो-तीन साल पहले यह सब हो रहा था। हमें इससे बाहर निकलना होगा। उम्मीद है भूपति के आने से दोनों में सुलह होगी और यह महाभारत खत्म होगी।”
भूपति को पिछले साल 22 दिसंबर को भारतीय डेविस कप टीम का गैर-प्रतिस्पर्धी कप्तान बनाया गया है।
नरेश ने कहा, “इन दोनों के पास खेल की अच्छी जानकारी है। भूपति का बैकहैंड शानदार है, वह इसे दूसरों को सीखा सकते हैं। सानिया मिर्जा खिलाड़ियों को फोरहैंड शॉट सिखा सकती हैं। पेस किसी को कुछ नहीं सीखा सकते क्योंकि उनमें प्राकृतिक कौशल है, जिसका वह प्रदर्शन तो कर सकते हैं लेकिन किसी को दे नहीं सकते।”
उन्होंने कहा, “हमारे पास अच्छे खिलाड़ी होने चाहिए। यह नए खिलाड़ियों का समूह जिसमें साकेत मायनेनी जैसे खिलाड़ी हैं, यह परखा हुआ है। नए खिलाड़ियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों के साथ खेलना मुश्किल होता है।”
उन्होंने कहा, “इसके लिए पैसा भी चाहिए होता है जो यहां नहीं है। अमेरिकी तंत्र से काफी खिलाड़ी आए, जिसमें सोमदेव देववर्मन, जसजीत सिंह, शशी मेनन शामिल हैं।”
dharmpath.com dharmpath