संयुक्त राष्ट्र रिफ्यूजी एजेंसी (यूएनएचसीआर) और तुर्की सरकार द्वारा हाल ही में इकट्ठा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2011 के बाद से अब तक सीरिया के 5,01,168 नागरिक देश छोड़ चुके हैं।
सीरिया में पिछले साल उच्चस्तरीय बैठक हुई थी जिसका उद्देश्य 2018 तक सभी शरणार्थियों की 10 फीसदी आबादी का दोबारा पुनर्वास करना था।
यूएनएचसीआर ने चेताते हुए कहा कि शरणार्थियों के लिए सिर्फ 250,000 स्थान ही उपलब्ध हैं।
संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थियों के उच्चायुक्त फिलिपो ग्रांडी ने जारी बयान में कहा, “हमें पुनर्वास की पूर्ण व्यवस्था में अभी लंबा समय लगेगा।”
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