मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने पांच सहयोगी बैंकों के विलय के बाद शनिवार से एकीकृत बैंक के रूप में काम शुरू कर दिया।
मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने पांच सहयोगी बैंकों के विलय के बाद शनिवार से एकीकृत बैंक के रूप में काम शुरू कर दिया।
एसबीआई में जिन पांच बैंकों का विलय हुआ, उनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ ट्रावनकोर शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय महिला बैंक का भी इसमें विलय हुआ है।
इस विलय के बाद एसबीआई संपत्ति के मामले में वैश्विक स्तर पर शीर्ष 50 बैंकों के समूह में शामिल हो गया है।
एसबीआई की अध्यक्ष अरुं धती भट्टाचार्य ने शनिवार को एक बयान में कहा, “हम एसबीआई बैंक में उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और सहयोगी बैंकों व महिला बैंक के अन्य सभी घटकों का स्वागत करते हैं। बैंक एक तिमाही के भीतर संक्रमण प्रक्रिया पूरी कर लेगा।”
भट्टाचार्य ने कहा, “संयुक्त निकाय से उत्पादकता बढ़ेगी, भौगोलिक जोखिम समाप्त होंगे, संचालन क्षमता बढ़ेगी और संवर्धित उपभोक्ता खुशी सुनिश्चित करने के दौरान सभी पक्षों में सहयोग स्थापित होगा।”
विलय के बाद बैंक का देशभर में कुल उपभोक्ता आधार 37 करोड़ हो गया है और शाखाओं की संख्या 24,000 और एटीएम की संख्या 59,000 हो गई है। विलय के बाद इस संयुक्त निकाय में जमा धनराशि 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
बयान में कहा गया है, “बैंक अपने कुछ ब्रांचों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित कर अपने नेटवर्क को औचित्यपूर्व बनाएगा। इससे संचालन में सुधार करने और लाभ बढ़ाने में मदद मिलेगी। एसबीआई में सहयोगी बैंकों के कोष के जुड़ने से लागत काफी घटेगी और संचालन में सुधार होगा।”
बैंक ने कहा कि विलय के बाद सहयोगी बैंकों के सभी उपभोक्ता अब एसबीआई द्वारा पेश की जा रहीं व्यापक डिजिटल उत्पादों और सेवाओं का लाभ उठाएंगे।
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