संयुक्त राष्ट्र, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत निक्की हेली ने कहा है कि अमेरिका इस बात को सुनिश्चित करेगा कि संयुक्त राष्ट्र आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाए और यदि सुरक्षा परिषद में वीटो का सामना करना पड़ा तो इसके लिए कोई दूसरा रास्ता निकाला जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत निक्की हेली ने कहा है कि अमेरिका इस बात को सुनिश्चित करेगा कि संयुक्त राष्ट्र आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाए और यदि सुरक्षा परिषद में वीटो का सामना करना पड़ा तो इसके लिए कोई दूसरा रास्ता निकाला जाएगा।
हेली से सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भारत पर हो रहे आतंकवादी हमलों के बारे में पूछा गया। उनसे यह भी पूछा गया कि किसी खास आतंकवादी पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ यदि सुरक्षा परिषद का कोई स्थायी सदस्य वीटो का इस्तेमाल करता है तो वह क्या करेंगी।
हेली ने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के बारे में अमेरिकी प्रशासन सारे तरीकों पर विचार कर रहा है और हमने इस संबंध में जिन मुद्दों पर बात की, उनमें प्रतिबंध लगाया जाना और सूची में शामिल लोगों के नाम शामिल थे।”
हेली ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम जिन्हें बाहर करना चाहते हैं, उन्हें बाहर करने की बात उठा सकें। हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम किसी परिणाम पर पहुंचें, न कि चुपचाप बैठे रहें और जो होना है उसे होने दें।”
अप्रैल माह के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष बनीं हेली ने कहा, “आपको मौजूदा अमेरिकी प्रशासन ज्यादा आक्रामक नजर आ रहा होगा, क्योंकि हमारा मानना है कि नेतृत्व करने के लिए हमें कुछ करने की जरूरत है और कुछ करने के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि उस मुद्दे पर बातचीत हो।”
चीन सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र के आतंकवादियों की सूची में शामिल किए जाने के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल किया था। गौरतलब है कि मसूद भारत में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले का साजिशकर्ता है।
इसके अलावा मुंबई में 2008 में हुए आतंकवादी हमले के मुख्य साजिशकर्ता जकी-उर-रहमान लखवी को पाकिस्तान द्वारा रिहा किए जाने के समय भी चीन ने पाकिस्तान का बचाव किया था, जबकि लखवी पहले से संयुक्त राष्ट्र के आतंकवादियों की सूची में शामिल है। मुंबई हमले में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
हेली से जब पूछा गया कि क्या हमारे साथ कुछ ऐसे लोग हैं, जो कुछ निश्चित मुद्दों पर वीटो का इस्तेमाल करते हैं? तो उन्होंने चीन का नाम लिए बगैर सीधा-सा जवाब दिया, “हां।”
हेली ने हालांकि आगे कहा, “लेकिन यह अमेरिका को कार्रवाई करने से नहीं रोक सकता और निश्चित तौर पर इसमें बदलाव लाने पर विचार करने से भी नहीं रोक सकता।”
उन्होंने कहा, “इसलिए अब हमारा लक्ष्य साथ मिलकर कुछ बड़ा करने का है। इसके बाद हम अलग-अलग प्रयास करेंगे। और यदि हम अलग-अलग कुछ नहीं कर सके तो हम कोई दूसरा रास्ता निकालेंगे।”
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