2021 तक दोगुना होगा भारत का ड्राई फ्रूट बाजार

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। पिछले कुछ सालों से देश में नट और ड्राई फ्रूट बाजार सालाना 20 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्यवर्धक खाने की बढ़ती मांग को देखते हुए साल 2021 तक नट और ड्राई फ्रूट बाजार के दोगुना हो जाने की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। पिछले कुछ सालों से देश में नट और ड्राई फ्रूट बाजार सालाना 20 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्यवर्धक खाने की बढ़ती मांग को देखते हुए साल 2021 तक नट और ड्राई फ्रूट बाजार के दोगुना हो जाने की उम्मीद है।

इंटरनेशनल नट एंड ड्राइड फ्रूट काउंसिल (आईएनसी) के एंबेसेडर राजू भाटिया ने कहा, “भारतीय ड्राइडफ्रूट बाजार के फिलहाल 4.5 लाख टन के होने का अनुमान है। लेकिन जोरदार मांग को देखते हुए 2021 तक इसके 10 लाख टन से ज्यादा होने का अनुमान है। भारत में नट और ड्राई फ्रूट उद्योग बेहद पुराना है। हालांकि पिछले कुछ सालों से ही इसमें मांग तेजी से बढ़ी है। पिछले कुछ सालों के दौरान ये ‘विलासिता’ के उत्पादों से ‘स्वास्थ्य और जरूरत’ की श्रेणी में आ गया है।”

आईएनसी भारत में नट और ड्राई फ्रूट उद्योग का वैश्विक संगठन है, जिसका मुख्यालय स्पेन में है।

भाटिया ने बताया, “स्वास्थ्य और वैकल्पिक दवाओं के लिए बढ़ती जागरूकता, लोगों के खर्च करने की बढ़ती क्षमता, बेहतर उपलब्धता, सही पैकेजिंग, निरंतर अच्छी गुणवत्ता, उत्पाद के बारे में पर्याप्त जानकारी (लेबलिंग), काजूनट, बादाम, अखरोट, राइसिन, पिस्ताचियोस, पेनकनट जैसे नए उत्पाद जैसे कई कारणों की वजह से मात्रा के संदर्भ में नट और ड्राइफ्रूट उद्योग सालाना 20 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। ये एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ड्राई फ्रूट क्षेत्र में 6.5 फीसदी और नट बाजार में 5.3 फीसदी की सालाना विकास दर से काफी ज्यादा है।”

भाटिया ने बताया, “19 से 21 मई को चेन्नई में आयोजित होने वाली 3 दिन की 37वीं वल्र्ड नट एंड ड्राइड फ्रूट कांग्रेस में 60 से ज्यादा देशों के ड्राई फ्रूट उत्पादकों, वितरकों और विशेषज्ञों के करीब 1000 प्रतिनिधि शामिल होंगे। भारत में पहली बार आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में देश के तेजी से बढ़ते नट और ड्राई फ्रूट बाजार पर खास जोर दिया जाएगा। ये कांग्रेस हर साल दुनिया के अलग-अलग देशों में आयोजित की जाती है। इस दौरान प्रतिभागी नेटवकिर्ंग के साथ ज्ञान और अनुभव को साझा करते हैं, नए रुझानों, स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे शोधों, आंकड़ों, फसलों के अनुमानों, खपत और बाजार के समीकरणों, वैज्ञानिक खाद्य सुरक्षा और नियमनों पर चर्चा होती है।”

आईएनसी के एक अन्य एंबेसेडर और कार्यक्रम के मुख्य संयोजक प्रताप नायर ने बताया कि “इस सम्मलेन में गूगल के इवानजेलिस्ट और ब्रैंड मार्केटिंग चीफ गोपी कल्याणी और आध्यात्मिक गुरु एवं मानवतावादी नेता श्रीश्री रविशंकर प्रमुख वक्ता होंगे। इस कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर जोर्डी सालास-सालवादो (आईएनसी वल्र्ड फोरम फॉर न्यूट्रिशन रिसर्च एंड डिसमिनेशन) की अध्यक्षता में पोषण के क्षेत्र में एक नए शोध की जानकारी से होगा। इस दौरान अमेरिका के प्रूड्यू विश्वविद्यालय में पोषण विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. रिचर्ड मैट्स, मद्रास डाइबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष और निदेशक, डॉक्टर विश्वनाथन मोहन भी अतिथि वक्ता के तौर पर मौजूद रहेंगे। काजू उद्योग में तकनीकी सुधारों के विषय पर वैज्ञानिक सेमिनार होगा। इसकी अध्यक्षता आईएनसी साइंटिफिक एंड गवर्नमेंट अफेयर्स कमिटी के पिनो काल्काग्नी और प्रस्तुति कालबावी कैशू के प्रकाश कालबावी की होगी।”

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