जयपुर, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एस.के. जैन ने कहा कि राजस्थान के 16 जिलों में बहुतायात में बाल-विवाह होते हैं। इन बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला स्तर पर सेमिनार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में आठ मोबाइल वैन के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। ये मोबाइल वैन 30 जून तक चलाई जाएगी।
जैन ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को समाज से हमेशा-हमेशा के लिए खत्म करना है। इसमें सभी लोगों का सक्रिय सहयोग होना चाहिए। जहां कहीं भी बाल-विवाह की जानकारी मिलती है तो उसको रोकने के लिए संबंधित तालुका स्तर पर जानकारी दें।
जैन रविवार को मानसरोवर थड़ी मार्केट स्थित सामुदायिक भवन में जिला प्रशासन एवं राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल विवाह रोकथाम अभियान के संबंध में आयोजित शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह करने वाले, कराने वाले को दो साल की सजा और एक लाख रुपए से दंडित किया जाता है। इसमें सम्मलित होने वाले सभी लोग दोषी होते है और उन्हें दंडित किया जाता है।
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