सियोल, 10 मई (आईएएनएस)। मून जे-इन ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप पर भू-राजनीतिक तनाव को कम करने के लिए वह उत्तर कोरिया की यात्रा करने और वाशिंगटन और बीजिंग के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।
समाचार एजेंसी योन्हाप के अनुसार, नव निर्वाचित राष्ट्रपति ने मंत्रिमंडल, खुफिया एजेंसी और राष्ट्रपति सचिवालय में शीर्ष पदों पर अपने पसंद के लोगों की घोषणा करते हुए कार्यभार संभालने के साथ ही अपना पहला कदम उठाया।
टेलीविजन पर अपने उद्घाटन भाषण में मून के कहा, “मेरे दिमाग में एकता और सह-अस्तित्व की एक अलग दुनिया बनाने का स्पष्ट ब्लूप्रिंट है।”
उन्होंने कहा कि परिस्थितियां सही रहने पर वह उत्तर कोरिया की यात्रा भी करने के लिए तैयार हैं।
मून ने नेशनल असेंबली में अपने भाषण में कहा, “मैं जल्द से जल्द राष्ट्रीय सुरक्षा में संकट को हल करने के लिए कदम उठाऊंगा।” नेशनल असेंबली में ही उन्हें राष्ट्रपति की शपथ दिलाई गई थी।
भारी मतों से विजयी हुए मून ने कहा, “यदि जरूरत पड़ी तो मैं कोरियाई प्रायद्वीप की शांति के लिए कहीं भी जाने के लिए तैयार हूं। जरूरत पड़ी तो मैं वाशिंगटन जाऊंगा, बीजिंग व टोक्यो जाऊंगा और परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो उत्तर कोरिया की यात्रा भी करूंगा।”
मून ने कहा कि विवादास्पद थाड मिसाइल सिस्टम के मुद्दे को हल करने के लिए ईमानदारीपूर्वक अमेरिका और चीन से गंभीर वार्ता की जाएगी।
अपनी पहली प्रमुख नियुक्तियों में, राष्ट्रपति मून ने ली नाक-योन को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया, जो दक्षिण जियोला प्रांत के वर्तमान गवर्नर थे। यदि संसद द्वारा पुष्टि की जाती है, तो वह ह्वांग क्यो-आह की जगह लेंगे।
2000 के दशक में दो अंतर-कोरिया सम्मेलनों की तैयारी में अहम भूमिका निभाने वाले सुह हुन को राष्ट्रीय खुफिया सेवा का अध्यक्ष बनाया गया है।
मून ने पूर्व छात्र कार्यकर्ता और निकट सहयोगी इम जोंग-सेक को चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में नियुक्त किया है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रपति कार्यालय को एक बार फिर मध्य सियोल के ग्वांगह्वामुन में स्थापित करेंगे।
अमेरिका, जापान और चीन ने राष्ट्रपति बनने पर मून को बधाई दी है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया के साथ ‘गठबंधन को मजबूत करने’ और ‘स्थायी मैत्री और साझेदारी बढ़ाने’ की उम्मीद करता है।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने कहा कि उनके देश को ‘उत्तर कोरियाई मुद्दे पर’ सामान्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे एक साथ काम करके इस क्षेत्र की शांति और समृद्धि में योगदान दे सकते हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वह ‘चीन और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को हमेशा बहुत महत्व देते हैं’ और ‘वह दोनों देशों के लाभ को सुनिश्चित करने के लिए मून के साथ काम करने के लिए तैयार’ हैं।
पार्क ग्युन-हे को भ्रष्टाचार के आरोप में संवैधानिक न्यायालय द्वारा महाभियोग लगाकर 10 मार्च को हटाए जाने के बाद मून को देश का नया राष्ट्रपति चुना गया है।
dharmpath.com dharmpath