नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा उसे मिलने वाले मुआवजे की रकम के जल्द भुगतान के लिए बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। मध्यस्थता पंचाट ने अपने फैसले में डीएमआरसी को मुआवजा देने का फैसला सुनाया था।
कंपनी के मुताबिक, मुआवजे के जल्द भुगतान के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 के तहत याचिका दाखिल की गई है।
पिछले सप्ताह, तीन सदस्यीय मध्यस्थता पंचाट ने डीएमआरसी के खिलाफ एकमत से लिए गए फैसले में डीएएमईपीएल को 4,670 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।
कंपनी ने एक बयान में कहा, “नीति आयोग द्वारा जारी जीओआई द्वारा मंजूरी प्राप्त दिशानिर्देशों के तहत पांच सितंबर, 2016 की तारीख वाली एक विज्ञप्ति के अनुसार डीएमआरसी को मुआवजा रकम का 75 फीसदी भुगतना करना होगा, भले ही वह मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती दे।”
कंपनी ने तर्क दिया, “उपरोक्त दिशानिर्देशों के तहत रिलायंस इंफ्रा को 3,500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।”
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