बर्लिन, 17 मई (आईएएनएस)। बायर्न म्यूनिख के स्टार फुटबाल खिलाड़ी फिलिप लाम का कहना है कि करियर का आखिरी मैच उनके जीवन के सबसे भावुक क्षणों में से एक होगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 33 वर्षीय लाहम अपने करियर का आखिरी मैच जर्मन लीग में शनिवार को खेलेंगे। इस मैच में बायर्न का सामना एससी फ्रीबर्ग से होगा।
लाम ने करियर के आखिरी मैच के बाद अपने भविष्य को लेकर कई तैयारियां कर रखी हैं। वह कई कंपनियों में शेयरधारक हैं।
बायर्न के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े होने के बावजूद लाम ने क्लब की ओर से मिले प्रबंध निदेशक के पद के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा, “मैं सामान्य जीवन की शुरुआत का इंतजार कर रहा हूं, जिसमें मैं अपने दिन की शुरुआत सबके साथ शांति से सुबह के नाश्ते के साथ करूं। मैं कई साल से इस चीज से वंचित रहा हूं।”
फुटबाल जगत में अपने 22 साल के करियर में लाम ने विश्व कप, चैम्पियंस लीग, आठ राष्ट्रीय और छह कप ट्रॉफी जीती हैं।
बायर्न में बॉल ब्वॉय के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले लाम ने 1995 में एफटी जर्न क्लब के साथ फुटबाल जगत में एक खिलाड़ी के तौर पर कदम रखा था। अपने अनूठे पासिंग और आक्रामक कुशलता के दम पर उन्होंने 130 चैम्पियंस लीग मैच, करीब 370 जर्मन लीग मैच और जर्मनी की राष्ट्रीय टीम के लिए 113 मैच खेले।
लाम ने अपने करियर के दौरान राइट बैक, लेफ्ट बैक, मिडफील्डर आदि स्थानों पर रहते हुए मैच खेले। कुछ ही फुटबाल खिलाड़ी ऐसे हैं, जो अपनी टीम को ऐसी परिवर्तनशीलता प्रदान कर पाए हैं। उन्हें जर्मनी के इतिहास के सर्वश्रेष्ठ फुटबाल खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एक साक्षात्कार में लाम ने कहा, “शायद किसी एक पोजीशन के बजाए विभिन्न स्थानों पर रहते हुए खेलना एक खिलाड़ी के लिए फायदेमंद हो सकता है। मैंने कई किरदारों को अपनाया। मैंने मैदान में हर पोजीशन और उसके महत्व को समझने की कोशिश की।”
लाम किसी भी विवाद से किस हद तक परे रहे, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने अपने करियर में पीले कार्ड से अधिक खिताब जीते हैं और उन्हें कभी भी लाल कार्ड नहीं मिला।
2010 में हुए विश्व कप टूर्नामेंट में उन्हें माइकल ब्लैक के स्थान पर जर्मनी टीम का कप्तान बनाया गया था। इस फैसले का समर्थन टीम के खिलाड़ियों और कोच जोआकिम लोऊ ने किया था।
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