इस्लामाबाद, 22 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में राष्ट्रीय आधुनिक भाषा विश्वविद्यालय (एनयूएमएल) के चीनी भाषा विभाग में नामांकन में काफी वृद्धि हुई है।
इस्लामाबाद, 22 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में राष्ट्रीय आधुनिक भाषा विश्वविद्यालय (एनयूएमएल) के चीनी भाषा विभाग में नामांकन में काफी वृद्धि हुई है।
1970 में जब यह विभाग स्थापित किया गया था, तब 13 विद्यार्थियों ने ही इस पाठ्यक्रम में नामांकन कराया था। लेकिन इस वर्ष पाठ्यक्रम में 460 विद्यार्थियों ने चीनी भाषा सीखने में उत्सुकता दिखाई है।
पिछले 19 वर्षो से एनयूएमएल में चीनी भाषा मैंडरिन पढ़ा रहीं रशीदा मुस्तफा ने समाचार पत्र डॉन से कहा, “हजारों की संख्या में विद्यार्थियों ने एनयूएमएल में इस भाषा(मैंडरिन) को सीखा है और अलग-अलग क्षेत्रों में उन्होंने अपने करियर बनाए हैं।”
डॉन की रपट के अनुसार, चीनी भाषा सीखने के प्रति पाकिस्तानी विद्यार्थियों की बढ़ती मांग को देखते हुए चीन सरकार ने 2015 में एनयूएमएल में विस्तार स्वरूप कन्फ्यूशियस संस्थान स्थापित करने को अपनी स्वीकृति दी थी।
रशीदा ने कहा, “चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा(सीपीइसी) विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि का एक बड़ा कारण है।”
उनके अनुसार, “विद्यार्थी देख सकते हैं कि समय बदल रहा है और आशा कर सकते हैं कि चीनी भाषा जानने का मतलब पाकिस्तान और चीन में ज्यादा रोजगार के अवसर होना है।”
पाकिस्तान में इस समय कम से कम चार संस्थानों में इस भाषा की पढ़ाई हो रही है- इनमें इस्लामाबाद में एनयूएमएल, फैसलाबाद में कृषि विश्वविद्यालय, लाहौर में पंजाब विश्वविद्यालय और करांची में करांची विश्वविद्यालय शामिल हैं।
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