(खुसुर-फुसुर)-मप्र से राज्यसभा सांसद अनिल माधव दवे की को शरीर छोडे पखवाड़ा भी नहीं बीता है औऱ राजनीतिक संबंधों की विद्रूपता सामने आ गयी है,उनकी खाली हुई सीट पर उनके चहेतों की नजर जम गयी है औऱ इस हेतु वे इन्तजार भी नही कर पा रहे,अखबारों में इस बाबत खबरें भी छपवायी जाने लगीं ।खैर यह रणनीति आज की भाजपा में कोई विस्मय भी नहीं क्योंकि इससे बड़े खेल सामने देखने आ रहे हैं।एक खबरची भी इस सीट के सपने देख रहे हैं।जबकि इस सीट के योग्य वृद्ध उम्मीदवार दूर से तमाशा देख रहे हैं।
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