मुंबई, 29 मई (आईएएनएस)। भारतीय मानक विज्ञापन परिषद (एएससीआई) ने सोमवार को कहा कि उपभोक्ता हितों के संरक्षण हेतु उसने शिकायतों के लिए एक ‘स्वतंत्र समीक्षा प्रक्रिया’ प्रस्तुत की है।
विज्ञापन उद्योग के स्व-विनियामक संगठन एएससीआई के मुताबिक, उपभोक्ता शिकायत परिषद (सीसीसी) द्वारा की गई सिफारिशों की समीक्षा के लिए नई प्रक्रिया एक स्वतंत्र तंत्र की सुविधा प्रदान करती है, जिसके तहत यह देखा जाता है कि विज्ञापनदाता या शिकायतकर्ता उसकी सिफारिशों से असंतुष्ट तो नहीं हैं।
एएससीआई द्वारा पंजाब तथा हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल को स्वतंत्र समीक्षा प्रक्रिया से संबंधित सभी मामलों को देखने के लिए अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी सी.बी.एस.वेंकटरमन को मुख्य शिकायत अधिकारी (सीसीओ) नियुक्त किया गया है, जो शिकायतों के समाधान में भूमिका निभाएंगे।
एएससीआई के अध्यक्ष श्रीनिवासन के.स्वामी ने कहा, “विज्ञापन में आत्म-नियमन व एएससीआई के नियमों के पालन को सक्षम करने के लिए एएससीआई नियत तौर पर प्रभावी उपाय ढूंढ़ने तथा उसे विकसित करने में लगी है। शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में स्वतंत्र समीक्षा प्रक्रिया तंत्र विज्ञापनदाता तथा शिकायतकर्ता दोनों को ही पारदर्शिता प्रदान करता है।”
स्वतंत्र समीक्षा प्रक्रिया वहां लागू होती है, जहां विज्ञापनदाताओं से प्राप्त प्रतिक्रिया पर विचार करने के बाद सीसीसी सिफारिशें करती हैं।
विज्ञापन, उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा तथा भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए विभिन्न सरकारी निकायों के साथ साझेदारी को लेकर एएससीआई तेजी से काम कर रही है।
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