नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) कानून के तहत बैंकों को हर राज्य में अलग-अलग पंजीकरण कराना होगा, ताकि वे एक जुलाई से लागू होनेवाले नए अप्रत्यक्ष कर के लिए तैयार हो सकें। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने सोमवार को यह बात कही।
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) कानून के तहत बैंकों को हर राज्य में अलग-अलग पंजीकरण कराना होगा, ताकि वे एक जुलाई से लागू होनेवाले नए अप्रत्यक्ष कर के लिए तैयार हो सकें। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने सोमवार को यह बात कही।
अधिया ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “जीएसटी के अंतर्गत बैंकों को हर राज्य में अलग-अलग पंजीकरण कराना होगा। उनके पास दूसरा विकल्प नहीं है। जीएसटी के अंतर्गत यही कानून है। हम इसमें होनेवाली परेशानियों को कम करने की कोशिश करेंगे।”
उन्होंने कहा, “बैंकों को जीएसटी के लिए तैयार होना होगा। वे ऐसा नहीं कह सकते कि तैयार नहीं हैं।”
वित्तमंत्री अरुण जेटली और मंत्रालय के अन्य अधिकारियों के साथ दिन भर चली इस समीक्षा बैठक में बैंकों के फंसे हुए कर्जो और जीएसटी की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई।
अधिया ने कहा कि जिन समस्याओं को दूर किया जाना है, उसमें मुख्यत: जानकारी की कमी है। अभी बैंकों को जीएसटी के सभी कानूनों की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, “अगर कोई छोटा तकनीकी मसला बाकी रह जाता है तो हम उसका समाधान निकाल लेंगे। यह मुख्यत: सूचना की कमी है। वे पूरी तरह से जीएसटी कानून और नियमों के बारे में नहीं जानते हैं। एक बार हम इसे विस्तृत रूप में जारी कर देंगे तो सबकुछ आसान हो जाएगा।”
अधिया ने हालांकि कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि जीएसटी एक जुलाई से ही लागू किया जाएगा।
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