नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। देश भर के मिठाई और नमकीन निर्माताओं ने केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के अंतर्गत इन चीजों को पांच फीसदी के कर स्लैब में रखने की मांग की है।
उन्होंने तर्क दिया कि नमकीन का उपभोग आम आदमी करता है और इसका उत्पादन श्रम प्रधान उद्योग द्वारा किया जाता है, जो बड़े पैमाने पर कुशल और अकुशल कामगारों को रोजगार प्रदान करता है। इसलिए इस पर कम कर लगाया जाना चाहिए।
जीएसटी के अंतर्गत नमकीन को 12 फीसदी कर के स्लैब में रखा गया है, जिसे एक जुलाई से लागू किया जा रहा है।
नमकीन निर्माताओं और बिक्रेताओं ने अखिल भारतीय खाद्य मिष्टान नमकीन विक्रेता महामंडल के बैनर तले जीएसटी परिषद के मिठाइयों पर पांच फीसदी कर लगाने के फैसले का स्वागत किया है और गुजारिश की है कि नमकीन पर भी पांच फीसदी कर वसूला जाए।
संघ के संरक्षक श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान अप्रत्यक्ष कर शासन के तहत नमकीन, स्नैक्स, समोसा, कचौरी, पकौड़ा, चाट, टिक्की, भल्ला, पापड़ी, गोलगप्पा, ढोकला आदि को केंद्रीय उत्पाद शुल्क से छूट दी गई है और अधिकांश राज्यों में पांच फीसदी वैट लगाया जाता है। उन्होंने आग्रह किया, “जीएसटी में इसी दर से कर वसूलना चाहिए।”
जीएसटी परिषद की करों में संशोधन पर विचार के लिए अगली बैठक 18 जून को होगी।
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