नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने मंगलवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को एक जुलाई से लागू करने की तैयारी जोर-शोर से जारी है, और कहा कि इस व्यवस्था को लेकर संपर्क कार्यक्रम तेज कर दिया गया है, ताकि अंतिम कारोबारी तक पहुंचा जा सके।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा यहां जारी एक बयान के मुताबिक, “ऐतिहासिक कर सुधार को एक जुलाई, 2017 से सुगमतापूर्वक अमल में लाने की तैयारी पूरे जोर-शोर से जारी है। जीएसटीएन को अपनाने वाली सहायक व्यवस्था अर्थात विंडो को फिर से खोल दिया गया है, ताकि शेष बचे करदाताओं की सहायता की जा सके।”
बयान के मुताबिक, “जीएसटी की संरचनाओं को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।”
इस बीच पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा ने नई अप्रत्यक्ष कर नीति की व्यवहार्यता को लेकर संदेह जताया है और इसे एक महीने या उससे अधिक समय के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव किया है।
यहां रविवार को जीएसटी काउंसिल की 16वीं बैठक के बाद मित्रा ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने आपत्ति जताई है कि एक जुलाई से जीएसटी को शुरू करना मुश्किल है। लेकिन आप दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय सुधार जीएसटी के लिए मितव्ययी नवाचार नहीं कर सकते। और आप एक जुलाई से जीएसटी शुरू करने जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि जीएसटी को एक महीने के लिए टालने में कोई दिक्कत नहीं है।
मित्रा ने कहा, “जब भी हम खुद की तैयारी से संतुष्ट होंगे..जब हर कोई सहज महसूस करेगा..हम आगे बढ़ सकते हैं।”
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि कारोबारियों तथा उद्योग के पास एक जुलाई से जीएसटी के लिए तैयार रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि यह स्थगित नहीं होने जा रहा।
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