कैमलपोर्ट ने यसबैंक, मास्टरकार्ड के साथ छेड़ी कैशलेश ट्रांजेक्शन की मुहिम

नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। लॉजिस्टिक सॉल्यूसन प्रदान करने वाली देश के अग्रणी कम्पनी-कैमलपोर्ट लाजिस्टिक्स ने यसबैंक और मास्टरकार्ड के साथ मिलकर कैमलपोर्ट डेबिट कार्ड लांच किया है। कैमलपोर्ट के संस्थापक हनीश अग्रवाल ने यह जानकारी दी।

अग्रवाल ने कहा कि इससे डेबिट कार्ड के जरिए कैशलेस सिस्टम में बढ़ोतरी होगी। देश में लॉजिस्टिक, विनिर्माण, सुविधा प्रबंधन, रियल एस्टेट और खुदरा जैसे बिजनेस कैश ट्रांजेक्शन पर निर्भर करते हैं। साथ में, यस बैंक के ओपन बैंकिंग लाइसेंस के आधार पर ये डेबिट कार्ड वितरित किया जाएंगे।

इनकम टैक्स के आदेश के मुताबिक, प्रति व्यक्ति प्रत्येक महीने केवल 10 हजार रुपये कैश पेमेंट कर सकता है। जहां कैमल पोर्ट डेबिट कार्ड से उन व्यावसायों का सहायता मिलेगी , जहां नकद भुगतान की इस्तेमाल ज्यादा होता है। इन सुविधाओं को पाने के लिए उद्योगों को कैमेलपोर्ट प्लेटफार्म पर साइन अप करना होगा।

इन सर्विसों के द्वारा बिजनेस अकाउंटिंग और सेल्स एप्लीकेशन से रियल टाइम ट्रांजेक्शन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इन सुविधाओं के लिए कोई नया सोफ्टवेयर इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं पड़ेगी । दूसरी तरफ आप अपने बिजनेस पर बेहतर रुप से नजर रख सकेंगे।

इस पूरी अवधारण को एक ट्रांसपोर्ट बिजनेस के उदाहरण से समझते हैं कि आखिरकार क्यों ये कैश ट्रांजेक्शन पर निर्भर रहते है?

एक ट्रांसपोर्टर को यात्रा के दौरान कैश की जरुरत पड़ती है। जैसे कि पेट्रोल, राज्य/शहर टोल, चालक के खाने-पीने और आपातकालीन धन आदि। लेकिन इनकम टैक्स के आदेश के बाद ये सारी जरुरतें पूरा करने में समस्या होगी और देखा गया है कि पैसो की चोरी या दुरुप्रयोग भी किया जाता है इसीलिए अब डेबिट कार्ड के साथ, कैश न केवल सुरक्षित है बल्कि कार्ड पर किए गए प्रत्येक स्वाइप के बारे में पल पल की जानकारी भी रखी जा सकती है ।

कैमलपोर्ट की मदद से एक क्लिक के जरिए, बिना बैंक के चक्कर लगाए और ड्राइवर के डेबिट कार्ड में पैसा पहुंचाया जा सकता है। ऐसी नायाब प्रक्रिया में बैंक ट्रांसफर जैसी समस्या भी नहीं होगी।

कैमलपोर्ट प्लेटफार्म पर 24 घंटे के लिए मनी ट्रांसफर और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही कैमलपोर्ट प्लेटफार्म के माध्यम से किसी भी क्षण कार्ड को ब्लॉक और अनब्लॉक करने की सुविधा होगी ।

यही नहीं कैमलपोर्ट डेबिट कार्ड कैश इंटेंसिव बिजनेसों के लिए कैशलेस सुविधा को भी सुनिश्चित करेगा। बिजनेसों के फाइनेंस डिपार्टमेंट को व्यक्तिगत सुविधा दी जाएगी, जिसके जरिए डेबिट कार्ड को रियल टाइम में मैनेज किया जा सकता है ।

ऐसे काडरे को सक्रिय/निष्क्रिय करने के लिए रुल डाल सकते है (एलबी) लॉरी रसीद जनरेट होने पर डेबिट कार्ड को सक्रिय किया जा सकता है । ट्रिप खत्म होने पर कार्ड को डिएक्टीवेट भी कर सकते है।

इसके अलावा ड्राइवर की सैलरी के लिए सैलरी डेबिट कार्ड में ट्रांसफर कर सकते है और अपने निजी लेन-देन के लिए उपयोग में भी ला सकते है। अनियमित/असंगठित कैश इंटेंसिव सेक्टर को अब रियल टाइम इनसाइट्स, सुरक्षा , मनी ट्रांसफर और लेन-देन आदि पर पूरा नियत्रंण रख सकते है ।

डेबिट कार्ड मॉडल कैसे काम करेगा और इसके साथ आने वाले कल पर क्या असर पड़ेगा ? इसके जवाब में अग्रवाल ने कहा कि बिजनेसों के लिए पूल अकांउट ओपन किया जाएगा, जिससे कैश पेमेंट को डेबिट कार्ड में अदा कर सकते है ।

बिजनेसों के लिए बनाए गए पूल अकाउंट को कैसे फाइनेंस करना है ये अब कंपनियों के हाथ में होगा । बता दें कि यह करंट अकाउंट की तरह काम करता है। भारत में कैमलपोर्ट डेबिट कार्ड का प्रयोग किसी भी एटीएम में किया जा सकता है।

कैमलपोर्ट के लिए ये एक ऐसा क्रांतिकारी प्रयास है क्योंकि भारत में अरबो डॉलर सरफेस कार्गो बिजनेस को एक प्लेटफार्म मुहैया कराना आसान नहीं है, जो सप्लाई चैन की रीढ़ है, इसमें ऑटोमैटिक सेल्स और इन्टग्रैटिंग पेमेंट का भी विकल्प गया है ।

कैमल पोर्ट ने डेबिट कार्ड का चुनाव पेमेंट वॉलेट पर क्यों किया? इस पर अग्रवाल ने कहा कि डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कही भी हो सकता है ना कि एक पेमेंट वॉलेट का ।

देश के हर एटीएम पर कैमलपोर्ट डेबिट कार्ड का एक्सेस होगा। देखा गया है कि पेमेंट वॉलेट के उपयोग के मामले डेबिट कार्ड का प्रयोग बहुत अधिक हैं।

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