न्यूयॉर्क, 4 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के अग्रणी समाचार पत्र ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने भारत पर अपने नियमित स्तंभ ‘इंडिया रियल टाइम’ को बंद कर दिया है।
इस नियमित ब्लॉग की बदौलत वॉल स्ट्रीट जर्नल भारत में सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला अमेरिका का दूसरा अखबर बन गया था।
समाचार-पत्र के नई दिल्ली स्थित ब्यूरो प्रमुख एरिक बेलमैन ने सोमवार को समाचार-पत्र की वेबसाइट पर लिखा, “वॉल स्ट्रीट जर्नल सात वर्षो के सफर और करोड़ों क्लिक पाने वाले अपने नियमित और बेहद सफल ब्लॉग को बंद कर रहा है।”
उन्होंने आगे लिखा है, “इस स्तंभ ‘इंडिया रियल टाइम’ को 2010 में शुरू किया गया था, जो भारतीय पाठकों को इंटरनेट के माध्यम से खबरें प्रदान करने का किसी वैश्विक समाचार-पत्र की पहली कोशिश थी।”
वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा इस स्तंभ को शुरू किए जाने के बाद अमेरिका के एक अन्य शीर्ष अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी इसी तर्ज पर ‘इंडिया इंक’ स्तंभ शुरू किया था, लेकिन 2014 में ही इस स्तंभ को बंद कर दिया गया।
वह लिखते हैं, “भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही दिनों बाद ‘इंडिया इंक’ को बंद कर दिया गया, क्योंकि इस स्तंभ के कई लेखकों ने अपने लेखों में नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी।”
टाइम्स उसके बाद से पोलिश, स्पेनिश, मंदारिन और कोरियाई अनेक भाषाओं में खबरें प्रकाशित करता रहा है, लेकिन किसी भी भारतीय भाषा में खबरें प्रकाशित नहीं कर रहा।
एक अन्य अमेरिकी समाचार पत्र ‘डेली न्यूज’ ने 2012 में ‘देसी न्यूज’ नाम से एक स्तंभ शुरू किया। लेकिन इस स्तंभ को अमेरिका में रह रहे भारतीय नागरिकों एवं दक्षिण एशियाई नागरिकों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था, न कि भारत में भारतीय नागरिकों के लिए। हालांकि एक साल बाद ही इसे भी बंद कर दिया गया।
दो अन्य वैश्विक मीडिया समूहों – अटलांटिक मीडिया समूह के स्वामित्व वाले क्वाट्र्ज और दिग्गज दूरसंचार कंपनी वेराइजॉन के स्वामित्व वाले हफिंग्टन पोस्ट – ने 2014 में भारत केंद्रित कार्यक्रम शुरू किए।
हफिंग्टन पोस्ट के भारतीय संस्करण को टाइम्स ऑफ इंडिया मीडिया समूह के सहयोग से शुरू किया गया।
इसके अलावा अग्रणी सर्च इंजन याहू खबरों से लेकर फिल्मी गप-शप वाली कई वेबसाइटें चलाता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में वेराइजॉन ने याहू का अधिग्रहण कर लिया है।
पिछले सप्ताह ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित एक लेख में कहा गया, “अखबार टोक्यो से प्रकाशित होने वाले एशिया संस्करण को जारी रखेगा, लेकिन एशिया में अन्य जगहों पर प्रिंट प्रकाशन को कम करने पर विचार कर रहा है।”
अटलांटिक समूह की वेबसाइट ‘द अटलांटिक डॉट कॉम’ के अनुसार, इसी वर्ष की शुरुआत में वॉल स्ट्रीट जर्नल के नई दिल्ली ब्यूरो कार्यालय से दो पत्रकारों को नौकरी से हटा दिया गया।
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