नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। हास्पिटलिटी (आतिथ्य), रिटेल (खुदरा), निर्माण और अन्य क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने नई दिल्ली के द्वारका में बनाए जाने वाले प्रस्तावित 26,000 करोड़ रुपये के अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-कन्वेंशन सेंटर (ईसीसी) में निवेश और भागीदारी के अवसर पर डीएमआईसीडीसी के साथ व्यापक रूप से चर्चा की।
डीएमआईसीडीसी के सीईओ अल्केश कुमार शर्मा की अध्यक्षता वाली हितधारकों की कंसल्टेशन बैठकों में, उद्योग प्रतिनिधियों को इस योजना के बारे में जानकारी दी गई और उनकी राय ली गई। द्वारका में एक विश्वस्तरीय एकीकृत स्मार्ट बिजनेस जिला बनाने की परिकल्पना की गई है जो कि दिल्ली में सबसे बड़ा मिलाजुला उपयोग क्षेत्र होगा।
बैठक में जेडब्ल्यू मैरियट, ताज होटल, द लीला, हिल्टन, एशियन होटल वेस्ट, एक्सपीरियन, डेवलपर ग्रुप, रिलायंस इंडस्ट्रीज और फीनिक्स मिल्स के अलावा अन्य कंपनियों के भी शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।
इस ईसीसी के जून 2019 तक चालू होने की उम्मीद है। द्वारका के सेक्टर 25 में 90 हेक्टेयर भूमि पर फैले और कुल 10.2 लाख वर्ग मीटर में निर्मित यह केंद्र एशिया के सबसे बड़े सम्मेलन केंद्रों में से एक होगा।
लगभग 428,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में प्रदर्शनी हॉल, कंवेशन सेंटर, बैंक्वेट हॉल सहित प्रमुख सुविधाएं होंगी। ईसीसी और जिले के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्च र को भारत सरकार द्वारा विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा होटल, खाद्य एवं पेय (एफ एंड बी) आउटलेट, ऑफिस स्पेस, वाणिज्यिक और खुदरा सेवाओं और अन्य अवकाश सुविधाओं सहित मिश्रित उपयोग की सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इन सभी सुविधाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में विकसित किये जाने का प्रस्ताव है, जिससे भारी निवेश के अवसर पैदा होंगे।
ईसीसी से पांच लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। ग्रीन इंडिया और स्वच्छ भारत पर सरकारी फोकस के साथ, पूरे जिले को लीड प्लैटिनम सर्टिफिकेशन मिलने की योजना बनाई गई है।
डीडीए ने परियोजना के लिए औद्योगिक प्रोत्साहन एवं नीति विभाग (डीआईपीपी) को भूमि हस्तांतरित कर दी है और प्रोजेक्ट मास्टर प्लान, ऊंचाई और शहरी डिजाइन पर अनुमोदन संबंधित विभागों से प्राप्त कर लिया है। आने वाले दो-तीन महीनों में शेष मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है।
सरकार परियोजना के प्रबंधन के लिए एक स्पेशल पर्पस वेहिकल बनाने की भी योजना बना रही है।
अल्केश शर्मा ने कहा, “यह अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और रोजगार पैदा करने दोनों मामले में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। हमने बिजनेस इनपुट को समुचित तरीके से हासिल करने के लिए तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ भागीदारी वाले दृष्टिकोण के साथ इन परामर्श बैठकों का आयोजन किया है जिसका उदे्देश्य योजना प्रक्रियाओं में शुरू में ही मिश्रित उपयोग वाले डेवलपरों को भी शामिल करना है।”
dharmpath.com dharmpath