नई दिल्ली/गोवा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय नौसेना के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रमादित्य पर सवार हो चुके हैं। करीब चार घंटे तक प्रधानमंत्री आईएनएस विक्रमादित्य पर रहेंगे और नौसेना के पोतों व लड़ाकू विमानों के शक्ति प्रदर्शन को देखेंगे। आईएनएस हंस हैलीकॉप्टर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईएनएस विक्रमादित्य पर पहुंचे हैं।
– हैलीकॉप्टर से बाहर निकलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय नौसेना के सबसे बड़े युद्धपोत का अवलोकन कर रहे हैं।
-10.20 AM : आईएनएस विक्रमादित्य पर नरेंद्र मोदी का हैलिकॉप्टर आईएनएस हंस की लैंडिंग।
-प्रधानमंत्री शनिवार सुबह 9.45 बजे के करीब गोवा एयरपोर्ट पहुंचे जहां उन्हें भारतीय नौसेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
गोवा तट के करीब ‘समुद्र में एक दिन’ नाम से आयोजित नौसेना के इस कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी नौसैनिक अधिकारियों और नाविकों को सम्बोधित भी करेंगे। इस दौरान नौसेना के आधुनिकतम लड़ाकू विमान मिग-29K, लम्बी दूरी के समुद्र टोही विमान पी-8-आई, सी हैरियर, पनडुब्बियों के खिलाफ युद्धभूमिका में काम आने वाले टीयू-142 टोही विमान, आईएल-38, कामोव और सी किंग हेलिकॉप्टर की उड़ानें देखेंगे।
इस दौरान दूसरे विमानवाहक पोत आईएनएस विराट, दिल्ली वर्ग के विध्वंसक पोत, तलवार वर्ग के फ्रिगेट भी विक्रमादित्य के सामने से गुजर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी भव्यता का अहसास कराएंगे। इस दौरान मिग-29K लड़ाकू विमानों का विक्रमादित्य पोत पर उतरने का भी प्रदर्शन दिखाया जाएगा। विक्रमादित्य पोत पर हेलिकॉप्टर से पीएम नरेंद्र मोदी को पहुंचाया जाएगा।
विक्रमादित्य पोत पर नेवी चीफ एडमिरल आरके धवन प्रधानमंत्री उनकी अगवानी करेंगे। इसके बाद 150 नौसैनिक पोत पर प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। 15 हजार करोड़ रुपये की लागत और 45 हजार टन विस्थापन क्षमता वाला विक्रमादित्य पोत दो महीना पहले ही रूस से भारत पहुंचा है।
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